पूर्णिया में दिखा ‘नो व्हीकल डे’ का असर, टोटो और साइकिल से ऑफिस पहुंचे अधिकारी
प्रभारी जिला पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि ‘नो व्हीकल डे’ का उद्देश्य सिर्फ ईंधन बचाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक संकट से निपटने के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है।
Bihar News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील का असर अब बिहार के सरकारी दफ्तरों में भी दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ के तहत पूर्णिया समाहरणालय का नजारा कुछ अलग ही दिखा। कोई अधिकारी साइकिल से दफ्तर पहुंचा तो कोई टोटो और पैदल चलकर कार्यालय आया।
पूर्णिया के प्रभारी जिला पदाधिकारी अंजनी कुमार सरकारी गाड़ी छोड़ टोटो से समाहरणालय पहुंचे। खास बात यह रही कि उनके साथ सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड भी टोटो में ही मौजूद थे। वहीं वरीय उप समाहर्ता रवि राकेश साइकिल चलाकर कार्यालय पहुंचे। उनके सुरक्षाकर्मी भी साइकिल से ही उनके साथ नजर आए।
समाहरणालय परिसर में सुबह से ही यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। अधिकारियों का यह अंदाज आम लोगों को भी पर्यावरण और ईंधन बचत का संदेश देता दिखा। हालांकि, कुछ अधिकारी ऐसे भी रहे जिन्होंने ‘नो व्हीकल डे’ की परवाह नहीं की और चार पहिया वाहनों से दफ्तर पहुंचते नजर आए।
प्रभारी जिला पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि ‘नो व्हीकल डे’ का उद्देश्य सिर्फ ईंधन बचाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक संकट से निपटने के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है। वहीं वरीय उप समाहर्ता रवि राकेश ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में तेल बचाना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर सरकार की ओर से यह पहल की गई है, ताकि लोग वैकल्पिक साधनों के उपयोग के लिए प्रेरित हों।
पूर्णिया समाहरणालय में अधिकारियों का यह अलग अंदाज अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अंकित की रिपोर्ट