Bihar Vigilance Raid:6% कमीशन मांग रहे इंजीनियर साहब 10 हजार लेते रंगे हाथ धराए
बिहार के पूर्णिया में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते सहायक अभियंता भूषण प्रसाद को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। विद्यालय निर्माण के भुगतान के बदले मांगा था 6% कमीशन।
बिहार के पूर्णिया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए विशेष निगरानी इकाई (पटना) ने बिहार शिक्षा परियोजना के सहायक अभियंता भूषण प्रसाद को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब अभियंता को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोचा गया। सरसी थाना क्षेत्र के निवासी नंदन कुमार झा की लिखित शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए विभाग ने इस जाल को बिछाया था, जिससे विभाग में फैले भ्रष्टाचार का एक और मामला उजागर हुआ है।
कमीशन के फेर में फंसा विद्यालय निर्माण का भुगतान
मामला डगरूआ प्रखंड के मीनापुर स्थित एक विद्यालय भवन के निर्माण कार्य से जुड़ा है। शिकायतकर्ता नंदन कुमार झा ने निर्माण कार्य तो पूरा कर लिया था, लेकिन भुगतान प्राप्त करने के लिए उन्हें मापन पुस्तिका (MB) पर हस्ताक्षर की आवश्यकता थी। आरोप है कि सहायक अभियंता भूषण प्रसाद ने इस अनिवार्य प्रक्रिया को पूरा करने के बदले कुल राशि का छह प्रतिशत कमीशन मांगा था। अभियंता का स्पष्ट कहना था कि बिना रिश्वत दिए मापन पुस्तिका का सत्यापन और हस्ताक्षर नहीं किया जाएगा।
सुनियोजित जाल में फंसा भ्रष्टाचार का आरोपी
निगरानी विभाग ने जब शिकायत की प्रारंभिक जांच की और आरोपों को सही पाया, तो भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। एक ठोस रणनीति के तहत निगरानी की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय राशि अभियंता को सौंपी, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि अभियंता पहले भी किस्तों में अवैध वसूली कर चुका था, लेकिन इस बार 10 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग ने उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।
पूछताछ जारी और भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
गिरफ्तारी के बाद आरोपी सहायक अभियंता को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। विभाग यह जांच कर रहा है कि क्या इस वसूली के खेल में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी संलिप्त हैं। निगरानी विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह मुहिम जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार अभियंता को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पटना स्थित निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा।