Cabinet Decision : सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला, गयाजी से बैंकॉक के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, इंडिगो को मिलेगी 10 करोड़ रूपये की मदद, नेपाल बॉर्डर की सुरक्षा के लिए आईजी का नया पद
Cabinet Decision : गयाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से बैंकॉक (थाईलैंड) के बीच सीधी नॉन-स्टॉप हवाई सेवा शुरू करने के लिए इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo) का चयन किया गया है.....पढ़िए आगे
PATNA : बिहार में नए अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर हवाई संपर्कता बढ़ाने की नीति के तहत नए अंतरराष्ट्रीय स्थानों तक नॉन स्टॉप वायु सेवा प्रदान करने के लिए निजी कंपनियों को खासतौर से बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे संबंधित एक महत्वपूर्ण एजेंडा पर बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया। इसके अनुसार, राज्य के हवाईअड्डों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बढ़ावा देने के लिए सरकार विमान कंपनियों को अंतर निधी देगी। कैबिनेट में 12 प्रमुख एजेंडों पर मुहर लगी। इसकी जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार में नए अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर हवाई संपर्कता बढ़ाने की नीति के तहत नए अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए नॉन-स्टॉप वायु सेवा प्रदान करने के लिए आमंत्रित निविदा में इंडिगो एयरलाइंस से गयाजी-बैंकॉक मार्ग के लिए एकल निविदा को नामांकन के आधार पर चयन किया गया है। इसमें व्यहार्यता अंतर निधि (वाएबिलिटी गैप फंडिंग) के रूप में अधिकतम 12 महीने के लिए 10 करोड़ 40 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। कंपनी जब से हवाई सेवा शुरू करेगी, तब से उसे यह लाभ मिलेगा। इसके जल्द शुरू होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि गयाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से बैंकॉक (थाईलैंड) के बीच सीधी हवाई संपर्कता स्थापित होने से बिहार में विदेशी पर्यटकों, खासकर बौद्ध पर्यटकों के आगमन की सुविधा में बढ़ोतरी होगी। थाईलैंड से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक बौद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए भारत आते हैं, जिनमें बिहार के बोधगया समेत अन्य बौद्ध स्थलों का विशेष महत्व है। इस हवाई सेवा के शुरू होने से बौद्ध पर्यटन को पोत्साहन मिलेगा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के मद्देनजर ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त हेल्थ सेक्टर ग्रांट मद में राशि की विमुक्ति के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 747 करोड़ 97 लाख 64 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस राशि से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के तौर पर विकतिस किया जाएगा। यह राशि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर खर्च की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जिसकी लंबाई 1839 किमी है। इसके दायरे में छह राज्य आ रहे हैं, जिनमें आर्थिक एवं रोजगार क्षमता का विकास होगा। इसी कड़ी में गयाजी में आईएमसी (समेकित निर्माण कलस्टर) के फेज-2 के तहत बियाडा के माध्यम से 1300 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें जल संकट को दूर करने के लिए जल संसाधन विभाग को जलाशय निर्माण के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें एक वर्ष के लिए पानी का संचय किया जा सकेगा।
चौधरी ने कहा कि राज्य की नेपाल से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा को अधिक सुरक्षित करने और आसूचना तंत्र को विकसित करने के लिए विशेष शाखा के अधीन आईजी के एक नए पद का सृजन किया गया है। इससे नेपाल की सीमा पर चौकसी बरतने में काफी मदद मिलेगी। इसके अलावा षष्ठम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा 31 मार्च 2025 को समाप्त हो गई है। इससे इस आयोग की अनुशंसा प्राप्त नहीं होने की स्थिति में स्थानीय निकायों को अनुदान की राशि नहीं मिल पाएगी। इसके मद्देनजर कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए षष्ठम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाएं वित्तीय वर्ष 2021-25 तक प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर ही राशि जारी की जाएगी।
इसके अलावा अरवल और औरंगाबाद में खेल स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। अरवल जिला के करपी के मौजा झिकटिया में 6.81 एकड़ और औरंगाबाद के देव अंचल के विभिन्न मौजा में 13.09 एकड़ भूमि पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए मुफ्त जमीन ट्रांसफर की जाएगी। कैबिनेट की बैठक में नालंदा जिला के बेन स्थित मेसर्स पटेल वेयरहॉउसिंग प्राइवेट लिमिटेड को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत पार-बाईल्ड राईस उत्पादन इकाई की स्थापना करने के लिए 88 करोड़ 18 लाख रुपये के निजी पूंजी निवेश की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह कैमूर के कुदरा में मेसर्स ईएमई एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड में ग्रेन आधारित 60 केएलपीडी इथेनॉल प्लांट और 2.0 मेगावाट को-जेनरेशन पॉवर प्लांट इकाई की स्थापना के लिए 73 करोड़ 45 लाख रुपये के निजी पूंजी निवेश की स्वीकृति प्रदान की गई है।