शिक्षक की भूमिका में दिखे रोहतास डीएम दीपक कुमार मिश्र, छात्रों को पढ़ाया ट्रिग्नोमेट्री

रोहतास डीएम बुधवार को शिक्षक की भूमिका में नजर आए। जिलाधिकारी स्कूल का औचक निरीक्षण करने निकले थे उसी दौरान वे शेरशाह सूरी इंटर स्तरीय विद्धायल में छात्र-छात्राओं को गणित के कई सूत्र बताए। डीएम को शिक्षक की भूमिका देखकर छात्र-छात्राएं भी काफी खुश...

शिक्षक की भूमिका में दिखे रोहतास डीएम - फोटो : रंजन कुमार

Sasaram : जिले के शेरशाह सूरी इंटर स्तरीय विद्यालय में उस समय एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब जिलाधिकारी (DM) दीपक कुमार मिश्र अचानक शिक्षक की भूमिका में नजर आए। विद्यालय निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्वयं चौक-डस्टर हाथ में लिया कक्षा में मौजूद छात्रों को गणित के अंतर्गत ट्रिग्नोमेट्री (त्रिकोणमिति) का पाठ पढ़ाया। डीएम को गुरु की भूमिका में देखकर कक्षा के सभी छात्र काफी उत्साहित नजर आए।


ब्लैकबोर्ड पर समझाए लंब, कर्ण, आधार और ट्रिग्नोमेट्री के सूत्र

कक्षा में पढ़ाते हुए जिलाधिकारी ने ट्रिग्नोमेट्री के जटिल सूत्रों को बेहद सरल तरीके से छात्रों के सामने रखा। उन्होंने समकोण त्रिभुज के लंब, कर्ण और आधार की बुनियादी अवधारणाओं को स्पष्ट किया तथा साइन, कॉस और टैन थीटा (sin, cos, tan θ) के सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की। डीएम द्वारा दिए गए उदाहरणों और पढ़ाने के सहज अंदाज ने छात्रों का दिल जीत लिया।


छात्र बनकर बच्चों के साथ बेंच पर बैठे डीएम

अध्यापन के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब डीएम थोड़ी देर के लिए खुद छात्र बन गए। वे बच्चों के साथ क्लासरूम की बेंच पर बैठ गए और एक छात्र को शिक्षक की भूमिका में खड़ा कर दिया। जिलाधिकारी ने काफी समय छात्रों के बीच बिताया, जिससे क्लास का माहौल बेहद सहज और प्रेरणादायक बन गया।


पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और प्रयोगशाला का लिया जायजा

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के अलावा जिला प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कक्षा लेने के बाद जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर लाइब्रेरी (पुस्तकालय), कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशाला का जायजा लिया और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की।


'छात्रों में है अपार क्षमता, भविष्य में देंगे बेहतर परिणाम'

बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीएम दीपक कुमार मिश्र ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय के छात्रों में काफी पोटेंशियल (क्षमता) है और यहाँ के शिक्षक भी अपने-अपने विषय में काफी निपुण हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाली परीक्षाओं में यहाँ के बच्चे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करेंगे।


रंजन की रिपोर्ट