Bihar Land Dispute: भू-माफियाओं का बढ़ता दुस्साहस, रोहतास में जमीन विवाद से सहमा परिवार, SDO की चौखट पर लगाई इंसाफ की गुहार

Bihar Land Dispute: एक ओर सरकार भू-माफियाओं पर शिकंजा कसने के दावे कर रही है, तो दूसरी ओर आए दिन जमीन पर कब्जे और दबंगई के आरोप सामने आ रहे हैं।

भू-माफियाओं का बढ़ता दुस्साहस- फोटो : reporter

Rohtas: जमीन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर सरकार भू-माफियाओं पर शिकंजा कसने के दावे कर रही है, तो दूसरी ओर आए दिन जमीन पर कब्जे और दबंगई के आरोप सामने आ रहे हैं। ताजा मामला रोहतास जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल का है, जहां एक गरीब  परिवार ने कथित भू-माफियाओं से परेशान होकर अनुमंडल पदाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि जमीन के सभी वैध दस्तावेज और सरकारी रिपोर्ट उनके पक्ष में होने के बावजूद दबंगों द्वारा कब्जे और धमकी का सिलसिला जारी है।

बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के नोआव गांव निवासी पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के वीरेंद्र सिंह और उनके परिजनों ने कुछ महीने पहले उनकी निजी जमीन पर कथित तौर पर जबरन रास्ता बना लिया। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो पिंटू सिंह पर बाहरी लोगों को बुलाकर मारपीट करने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि अंचल अधिकारी द्वारा नियुक्त आमीन की रिपोर्ट और उपलब्ध राजस्व अभिलेख उनकी जमीन को उनके पूर्वजों की संपत्ति बताते हैं। इसके बाद प्रशासनिक आदेश के अनुसार जब वे अपनी जमीन पर बाउंड्री वॉल का निर्माण कराने लगे, तब विरोध शुरू हो गया। परिवार का आरोप है कि उन पर लगातार दबाव बनाया गया और यहां तक कि पुलिस से मिलीभगत कर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने तथा जेल भेजने की भी कोशिश की गई।

मीडिया से बातचीत में परिवार ने आरोप लगाया कि संबंधित लोग अपने रसूख और दबंगई के बल पर उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो गांव में तनाव और बढ़ सकता है तथा किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है।

फिलहाल पूरा मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर क्या कार्रवाई करता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो भू-कब्जे और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, मामले में दूसरे पक्ष का बयान अभी सामने नहीं आया है।

सोनू सिंह की रिपोर्ट