SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, जिलाध्यक्ष अनुपम के नेतृत्व में निकाला गया 'लोकतंत्र बचाओ मार्च'
सुपौल में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग उठाई....
Supaul : चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। सोमवार को सुपौल में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कार्यालय से 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग उठाई।
समाहरणालय के समक्ष पुतला दहन, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका
यह मार्च शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से गुजरता हुआ समाहरणालय (DM कार्यालय) पहुंचा। समाहरणालय के मुख्य द्वार के समीप पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहीं सांकेतिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर जमकर नारेबाजी की।
राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग
प्रदर्शन के बाद जिलाध्यक्ष अनुपम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटाने तथा विपक्ष द्वारा लगाए गए 'वोट चोरी' और चुनावी धांधली के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, चुनाव आयोग द्वारा हाल के दिनों में लिए गए निर्णयों की स्वतंत्र और वैधानिक समीक्षा करने का भी आग्रह किया गया।
"प्रत्येक मतदाता का वोट सुरक्षित रहना लोकतंत्र की बुनियादी शर्त": अनुपम
जिलाध्यक्ष अनुपम ने कहा कि कांग्रेस का यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के मतदाता के अधिकार, चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक मर्यादा की रक्षा के लिए है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर भी फैसलों को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई थीं, जिसके बाद सरकार और आयोग को जनता के समक्ष पारदर्शी जवाब देना चाहिए।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा लोकतांत्रिक आंदोलन
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के शीर्ष नेतृत्व के बीच राजनीतिक साठगांठ को लेकर देश भर में सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए गंभीर सवालों का निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान नहीं हो जाता, तब तक कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।
विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट