कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट जारी : डिस्चार्ज घटकर 2 लाख क्यूसेक के करीब, बाढ़ पीड़ितों को मिली बड़ी राहत

सुपौल जिले मे कोसी नदी के रौद्र रूप में कमी देखने को मिल रही है। नेपाल के बराह क्षेत्र में भी जलप्रवाह घटकर 1,14,200 क्यूसेक दर्ज किया गया है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का संकट धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद जगी है....

सुपौल में कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट जारी - फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में बारिश थमने के बाद कोसी नदी के रौद्र रूप में कमी देखने को मिल रही है। रविवार की शाम 7 बजे कोसी बराज से पानी का कुल डिस्चार्ज घटकर 2,00,745 क्यूसेक पर आ गया। डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 1,97,945 क्यूसेक रहा, जबकि वेस्ट कोसी मेन कैनाल में 2,800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और ईस्ट कोसी मेन कैनाल में डिस्चार्ज शून्य है। नेपाल के बराह क्षेत्र में भी जलप्रवाह घटकर 1,14,200 क्यूसेक दर्ज किया गया है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का संकट धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद जगी है।


3.16 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज से 70 गांवों की 80 हजार आबादी हुई प्रभावित 

इससे पूर्व, 26 सितंबर को तड़के 5 बजे कोसी बराज से 3,16,795 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण सुपौल जिले में अचानक बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, उफनाती कोसी के पानी से जिले के 5 प्रमुख अंचलों (सुपौल, किशनपुर, सरायगढ़-भपटियाही, निर्मली एवं मरौना) के करीब 70 गांव जलमग्न हो गए थे और लगभग 80 हजार लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।


21 सामुदायिक रसोई संचालित, 16 हजार से अधिक लोगों ने ग्रहण किया भोजन 

बाढ़ पीड़ितों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से राहत कार्यों में जुटा हुआ है। विस्थापित और प्रभावित परिवारों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रभावित अंचलों में कुल 21 सामुदायिक रसोई केंद्र चलाए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 16,894 लोगों को पका हुआ भोजन परोसा जा चुका है।


169 निजी नावों की तैनाती और 2701 पॉलिथीन शीट का वितरण 

तटबंध के अंदर और निचले इलाकों में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक निकालने तथा आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 169 निजी नावों का परिचालन शुरू कराया है। इसके अतिरिक्त बेघर हुए और शरणार्थी स्थलों पर रह रहे जरूरतमंद परिवारों के बीच अब तक 2701 पॉलिथीन शीट बांटी जा चुकी हैं ताकि वे अस्थायी आश्रय बना सकें।


प्रशासन और जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड पर 

जिलाधिकारी के आदेश पर अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) के नेतृत्व में राहत एवं बचाव अभियानों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। भले ही कोसी बराज से डिस्चार्ज शनिवार के 2,90,370 क्यूसेक से घटकर अब 2 लाख क्यूसेक के करीब पहुंच गया है, लेकिन तटबंधों की सुरक्षा और गांवों में आवागमन की स्थिति पर जल संसाधन विभाग की टीम लगातार पैनी नजर बनाए हुए है।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट