भारत-नेपाल सीमा पर दौड़ेगी ट्रेन: ललितग्राम–बीरपुर नई रेल लाइन परियोजना को मिली रफ्तार, फाइनल लोकेशन सर्वे स्वीकृत

ललितग्राम–बीरपुर 22 किमी नई रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव की पहल पर शुरू हो रहे इस प्रोजेक्ट का टेंडर जनवरी में होगा।

Supaul -  भारत-नेपाल सीमा के करीब प्रस्तावित ललितग्राम–बीरपुर नई रेल लाइन (22 किमी) परियोजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पूर्व मध्य रेलवे के निर्माण संगठन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को औपचारिक रूप से स्वीकृति दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने से सीमावर्ती सुपौल जिले की रेल कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार होगा।

सर्वे और एस्टिमेट को मिली हरी झंडी

 रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना के फाइनल लोकेशन सर्वे को 9 सितंबर 2025 को मंजूरी दी थी। इसके बाद, 9 दिसंबर 2025 को इस सर्वे के लिए अनुमानित बजट (एस्टिमेट) को भी स्वीकृत कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे का काम पूरा होने के बाद ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, जिससे निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त होगा।

टेंडर और भविष्य की योजना 

परियोजना को गति देने के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे संबंधी कार्यों का टेंडर 8 जनवरी 2026 तक आमंत्रित किया गया है। इस रेल लाइन का निर्माण बिहार सरकार के ऊर्जा एवं वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव के विशेष प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। उनकी पहल के बाद रेलवे बोर्ड ने इस दिशा में सक्रियता दिखाई है।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम 

22 किलोमीटर लंबी यह नई रेल लाइन न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। स्थानीय लोगों ने इस विकास कार्य के लिए मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव के प्रति आभार जताया है। रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ने से सुरक्षा और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।