नशामुक्त बिहार के सघन जागरूकता अभियान का शुभारंभ, इंजीनियरिंग कॉलेज में सीएम के कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण
Supaul : बिहार को पूरी तरह नशामुक्त बनाने और मद्यनिषेध नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से मंगलवार से राज्यभर में एक माह का सघन जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित अधिवेशन भवन परिसर से इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस राज्यव्यापी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुपौल स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (इंजीनियरिंग कॉलेज) में आयोजित किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मियों और छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना।
26 नवंबर को मद्यनिषेध दिवस से पूर्व जनजागरण की अनूठी पहल
उल्लेखनीय है कि बिहार में 5 अप्रैल 2016 से पूर्ण मद्यनिषेध कानून लागू है। सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 26 नवंबर को 'मद्यनिषेध दिवस' मनाया जाता है, लेकिन इस बार विभाग ने एक माह पूर्व ही जागरूकता अभियान चलाने का विशेष निर्णय लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को नशीले पदार्थों के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए निरंतर प्रेरित करना है।
एसपी और डीडीसी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
सुपौल में आयोजित लाइव प्रसारण कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. और उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा मद्यनिषेध अधीक्षक अशोक कुमार, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संजय कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी तारकेश्वर पटेल तथा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए.एन. मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जीविका दीदियों, आशा कार्यकर्ताओं और छात्रों ने ली नशा न करने की शपथ
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जीविका के पदाधिकारियों, जीविका दीदियों, आशा कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान मंच से उपस्थित सभी लोगों को किसी भी प्रकार के नशीले या मादक पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए नशे के खिलाफ जन-भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट