सुपौल में बड़ी आपराधिक साजिश नाकाम : अंतरजिला गिरोह के तीन बदमाश गिरफ्तार, पांच देसी कट्टा, एक पिस्टल और भारी मात्रा में हथियार बरामद

सुपौल पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने से पहले तीन शातिर आरोपियों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है......

सुपौल में बड़ी आपराधिक साजिश नाकाम- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले की पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक वारदात की साजिश को समय रहते नाकाम किया है। पुलिस ने अंतरजिला गिरोह के तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से पांच देसी कट्टा, एक पिस्टल और 17 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस ने एक मोटरसाइकिल, हथौड़ा, प्लायर कटर और ताले तोड़ने समेत अन्य संदिग्ध उपकरण भी जब्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) शरथ आर एस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर त्रिवेणीगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने यह सफलता हासिल की।


घेराबंदी कर तीन शातिर गिरफ्तार, पूर्णिया और अररिया के हैं निवासी

पुलिस की विशेष टीम ने पिछले कई दिनों से इस गिरोह की गतिविधियों पर तकनीकी और अन्य माध्यमों से नजर रख रही थी। इसी क्रम में 22 अक्टूबर की रात को त्रिवेणीगंज अनुमंडल क्षेत्र में बदमाशों के एकत्रित होने की पुख्ता सूचना मिली, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान पूर्णिया जिले के बनमनखी थाना क्षेत्र के पिपरा निवासी अजय यादव (पिता-बिरबल यादव), बेला बदन निवासी फूलो ततमा (पिता-स्वर्गीय बुटन ततमा) और अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र के खजुरी बाजार निवासी शशि ठाकुर (पिता-स्वर्गीय योगेंद्र ठाकुर) के रूप में हुई है।


हथियारों का जखीरा और ताले तोड़ने के उपकरण जब्त

तलाशी के दौरान पकड़े गए बदमाशों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोलियां मिलने से पुलिस भी सतर्क हो गई है। पुलिस को आशंका है कि बरामद हथौड़े, प्लायर कटर और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल घरों या दुकानों के ताले तोड़ने और बड़ी वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाने वाला था। हालांकि, इन उपकरणों और हथियारों के स्रोत तथा इनके जरिए किन-किन घटनाओं को अंजाम देने की योजना थी, इसकी गहराई से छानबीन की जा रही है।


राजेश्वरी थाना में प्राथमिकी दर्ज, स्थानीय सहयोगियों की तलाश जारी

इस मामले में राजेश्वरी थाना में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस अंतरजिला गिरोह को सुपौल जिले के भीतर स्थानीय स्तर पर किन लोगों का सहयोग मिल रहा था। साथ ही, गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की धरपकड़ और उनके पुराने आपराधिक इतिहास को खंगालने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।


न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। सुपौल पुलिस की इस मुस्तैदी से इलाके में किसी बड़ी आपराधिक घटना टलने से राहत की सांस ली गई है, वहीं पुलिस नेटवर्क के पूरे खुलासे के लिए अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट