सबकुछ जलकर खाक, सिर्फ आंखों में बचे आंसू: एकमा पंचायत में भीषण अगलगी, तीन परिवार दाने-दाने को मोहताज!

सुपौल के एकमा पंचायत में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से तीन घर जलकर राख हो गए। इस हादसे में अनाज और मवेशियों समेत लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है, जिसके बाद पीड़ितों ने मुआवजे की मांग की है।

Supaul - सुपौल सदर प्रखंड के एकमा पंचायत में बुधवार की देर रात आग ने ऐसा कहर बरपाया कि तीन गरीब परिवारों के सिर से छत छिन गई। वार्ड नंबर 6 में लगी इस भीषण आग में सबकुछ जलकर राख हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवारों के पास अब तन ढकने के कपड़ों के अलावा कुछ शेष नहीं बचा है। 

दो सगे भाइयों का संसार उजड़ा

इस अगलगी की सबसे भीषण मार लाल बिहारी महतो और उनके भाई चमक लाल महतो पर पड़ी है। आग इतनी तेज थी कि दोनों भाइयों के घर पूरी तरह जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गए। घर में रखा अनाज, साइकिल, बर्तन और कपड़ों के साथ-साथ मवेशी (गाय और बकरी) भी इस आग की भेंट चढ़ गए। पीड़ितों के अनुसार, इस हादसे में उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। 

पड़ोसी का घर भी चपेट में आया

आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि उन्होंने पड़ोस में रहने वाले संजीत महतो के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में संजीत महतो का आवास भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक आजीविका के सारे साधन नष्ट हो चुके थे। 

मुआवजे की उठी मांग

घटना की सूचना मिलते ही युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव लक्ष्मण झा मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रशासन के आला अधिकारियों से फोन पर वार्ता की और आपदा राहत राशि के अविलंब भुगतान की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार अत्यंत निर्धन है और इस संकट की घड़ी में सरकार को तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। 

मानवता की मिसाल: निजी स्तर पर मदद

लक्ष्मण झा ने न केवल सरकार से मदद की गुहार लगाई, बल्कि स्वयं आगे आकर पीड़ित परिवारों (चमक लाल और लाल बिहारी महतो) को आर्थिक सहयोग प्रदान किया। फिलहाल, पूरा गांव पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है और प्रशासन से शीघ्र राहत सामग्री पहुंचाने की अपील की जा रही है।

Report - Vinay kumar mishra