वैशाली में 'ऑपरेशन नीलकंठ' के तहत बड़ी कार्रवाई: घर से शराब और गांजे का धंधा चला रहे पति-पत्नी गिरफ्तार
वैशाली पुलिस ने अवैध शराब और नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक घर में छापेमारी कर भारी मात्रा में शराब और गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है.....
Vaishali : शराबबंदी वाले बिहार में शराब और मादक पदार्थों की तस्करी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। ताजा मामला वैशाली थाना क्षेत्र से आया है, जहां पति-पत्नी मिलकर अपने ही घर से शराब और गांजे का अवैध ठेका संचालित कर रहे थे। पुलिस द्वारा की गई इस छापेमारी में जो खुलासा हुआ है, उसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। अब घर से ही इस काले कारोबार को संचालित करने का यह नया ट्रेंड पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
एसपी के निर्देश पर एसटीएफ और पुलिस का साझा एक्शन
लालगंज एसडीपीओ (SDPO) गोपाल मंडल ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक (SP) शुभांक मिश्रा के विशेष निर्देश पर 'ऑपरेशन नीलकंठ' के तहत यह कार्रवाई की गई है। इसके तहत वैशाली थाना पुलिस और जिला एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने थाना क्षेत्र के बेलका गांव स्थित लालबाबू सिंह के घर पर अचानक छापेमारी की। पुलिस की इस त्वरित घेराबंदी के कारण तस्करों को भागने या सबूत छिपाने का मौका नहीं मिल सका।
भारी मात्रा में विदेशी शराब, गांजा और कैश बरामद
सघन तलाशी के दौरान पुलिस ने तस्कर दंपति के घर से भारी मात्रा में अवैध सामग्रियां जब्त की हैं। बरामद सामानों में लगभग ₹2 लाख मूल्य की विदेशी शराब और करीब ₹50,000 से अधिक की कीमत का गांजा शामिल है। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से नशे की बिक्री से कमाए गए ₹1,65,000 की नकदी भी बरामद की है। पुलिस ने सभी मादक पदार्थों और नकदी को कानूनी प्रक्रिया के तहत सीज कर दिया है।
शातिर तस्कर का पुराना रहा है आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, इस धंधे को संचालित करने वाले पति-पत्नी दोनों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी लालबाबू सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही शराब तस्करी के कई मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में भी इस अवैध धंधे के आरोप में जेल की हवा खा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर घर से ही इस धंधे को नए सिरे से शुरू कर दिया था।
बढ़ती होम डिलीवरी और घरेलू नेटवर्क बनी चिंता
इस सनसनीखेज खुलासे ने बिहार में शराबबंदी कानून के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जहां एक ओर शराब की होम डिलीवरी आम बात हो चुकी थी, वहीं अब तस्करों द्वारा घरों को ही गोदाम और बिक्री केंद्र बना लेना कानून व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे घरेलू नेटवर्क और नशे के इस काले कारोबार पर सख्ती से लगाम नहीं लगाई गई, तो राज्य का शराबबंदी कानून महज कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।
रिषभ की रिपोर्ट