सीएम के दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम और एसपी ने की तैयारियों की समीक्षा
18 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गोपालगंज जिले का दौरा करने वाले है। सीएम के इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन अभी से अलर्ट मोड पर है। आज डीएम और एसपी ने इस तैयारियों का पूरा जायजा लिया और कई निर्देश दिए....
Gopalganj : जिले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगामी 18 जुलाई के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक महकमा पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला प्रशासन ने इस हाई-प्रोफाइल वीआईपी मूवमेंट को लेकर अपनी तैयारियां युद्धस्तर पर तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से लेकर तमाम प्रोटोकॉल को पुख्ता करने के लिए जिले के आला अधिकारियों ने खुद कमान संभाल ली है ताकि कार्यक्रम का सफल और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
थावे मंदिर और चनावे जेल परिसर का निरीक्षण
तैयारियों की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी समीर सौरभ और पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने संयुक्त रूप से विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का सघन निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने सबसे पहले प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर परिसर का दौरा किया, जहां मुख्यमंत्री के संभावित आगमन के मद्देनजर बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, सुरक्षा घेरा तथा आम श्रद्धालुओं की निर्बाध आवाजाही को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके पश्चात, अधिकारियों के दल ने चनावे जेल के समीप स्थित प्रस्तावित मुख्य कार्यक्रम स्थल का भी जायजा लिया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
हेलीपैड पर तकनीकी तैयारियों का विस्तृत आकलन
दौरे की कड़ियों को जोड़ते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मुकरी टोला स्थित हेलीपैड स्थल का भी बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान हेलीपैड की तकनीकी फिटनेस, उसके चारों ओर सुरक्षा घेरा, आपातकालीन अग्निशमन (Fire Brigade) व्यवस्था, जीवन रक्षक एंबुलेंस की उपलब्धता और वीआईपी रूट चार्ट के अनुसार यातायात प्रबंधन का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक विभागों को अल्टीमेटम दिया गया है कि वे तय समय सीमा के भीतर सभी जरूरी इंतजामों को बिना किसी त्रुटि के पूरा कर लें।
जिलाधिकारी ने दिया आपसी समन्वय का मंत्र
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी समीर सौरभ ने सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे को लेकर कोई भी विभाग शिथिलता न बरते। सभी विभागों को आपस में बेहतर समन्वय और तालमेल स्थापित कर कार्य करने को कहा गया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम से जुड़ी प्रत्येक छोटी-बड़ी व्यवस्था सरकार द्वारा निर्धारित मानकों और प्रोटोकॉल के बिल्कुल अनुरूप होनी चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
वहीं, दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने सुरक्षा व्यवस्था को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने जिले के सभी पुलिस पदाधिकारियों, थानाध्यक्षों और सशस्त्र बलों को चौबीसों घंटे पूरी तरह सतर्क रहने का आदेश दिया है। एसपी ने कहा कि मुख्यमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल (Security Protocol) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। जिला प्रशासन का दावा है कि 18 जुलाई के इस भव्य और महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं।
नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट