निवेश के मोर्चे पर बिहार की बड़ी चुनौती, नीति आयोग इंडेक्स में 26 वां स्थान, नौकरी-रोजगार की कमी से पलायन
नीति आयोग की रैकिंग के अनुसा गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गोवा और ओडिशा टॉप-5 में शामिल हैं। वहीं देश में सबसे ज्यादा आबादी वाला उत्तर प्रदेश 19वें स्थान पर है जबकि दूसरी सर्वाधिक आबादी वाला बिहार 26वें स्थान पर है।
Bihar News : बिहार में सड़क, रेलवे और बुनियादी ढांचे में सुधार के बावजूद राज्य अभी निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की दौड़ में काफी पीछे है। नीति आयोग की हाल में जारी Investment Friendliness Index 2026 रिपोर्ट में बिहार को 100 में सिर्फ 41.2 अंक मिले हैं। 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में बिहार 26वें स्थान पर है, जबकि बड़े राज्यों की श्रेणी में 17 राज्यों में उसे आखिरी यानी 17वां स्थान मिला है। नीति आयोग की रैकिंग के अनुसा गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गोवा और ओडिशा टॉप-5 में शामिल हैं। वहीं देश में सबसे ज्यादा आबादी वाला उत्तर प्रदेश 19वें स्थान पर है जबकि दूसरी सर्वाधिक आबादी वाला बिहार 26वें स्थान पर है।
नीति आयोग की यह रिपोर्ट राज्यों की निवेश क्षमता को आठ प्रमुख आधारों—इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजनेस क्लाइमेट, संसाधन, सरकारी नीति, नियामकीय सुगमता, संस्थागत वातावरण, वित्तीय स्वास्थ्य और पर्यावरणीय लचीलापन—पर परखती है। रिपोर्ट में सार्वजनिक आंकड़ों के साथ निवेशकों और संबंधित हितधारकों की राय को भी शामिल किया गया है। कुल मूल्यांकन में डेटा आधारित संकेतकों का 65 प्रतिशत और सर्वे आधारित स्कोर का 35 प्रतिशत हिस्सा है।
सड़क-रेल और संसाधन बिहार की ताकत
रिपोर्ट के मुताबिक बिहार का प्रदर्शन इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधन के क्षेत्र में अपेक्षाकृत बेहतर है। इंफ्रास्ट्रक्चर में बिहार का स्कोर 44 प्रतिशत, जबकि संसाधन के क्षेत्र में 36 प्रतिशत है। राज्य की खास ताकतों में सड़क और रेलवे का घनत्व शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार देश की कुल भूमि का करीब 2.9 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद बिहार के हिस्से में राष्ट्रीय राजमार्गों का लगभग 4 प्रतिशत, ग्रामीण सड़कों का 8 प्रतिशत और रेलवे ट्रैक की लंबाई का 5.7 प्रतिशत हिस्सा आता है।
बिहार कोल्ड स्टोरेज क्षमता के मामले में भी अच्छा प्रदर्शन करता है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य का प्रदर्शन इस श्रेणी के औसत से करीब 23 प्रतिशत बेहतर है। शिक्षा पर राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के अनुपात में सरकारी खर्च को भी संसाधन क्षेत्र में एक सकारात्मक पहलू माना गया है।
बिजनेस क्लाइमेट और सरकारी नीति सबसे बड़ी कमजोरी
हालांकि, निवेश आकर्षित करने के लिए जरूरी कारोबारी माहौल में बिहार पिछड़ रहा है। Business Climate में राज्य का स्कोर सिर्फ 26 प्रतिशत रहा। वहीं Government Policy में 23 प्रतिशत स्कोर मिला है। इसका मतलब है कि केवल सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार निवेश लाने के लिए पर्याप्त नहीं है; कारोबार शुरू करने, विस्तार करने, जमीन उपलब्ध कराने, वित्त हासिल करने और उद्योगों को लंबे समय तक संचालित करने के लिए मजबूत इकोसिस्टम की जरूरत है।
रिपोर्ट में बिहार के Financial Health का स्कोर 57 प्रतिशत है, लेकिन राज्य की कुल देनदारियों का GSDP से अनुपात 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के औसत से करीब 500 बेसिस प्वाइंट अधिक बताया गया है। यह भी वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार की गुंजाइश की ओर संकेत करता है।
औद्योगिक इकोसिस्टम की कमी से निवेश बाधित
रिपोर्ट के अनुसार बिहार में अभी समर्पित औद्योगिक पार्क और मजबूत औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। इससे बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट जैसे क्षेत्रों के विकास पर भी असर पड़ता है। हितधारकों ने बेहतर एयर कनेक्टिविटी, 24x7 विश्वसनीय बिजली, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और जमीन आवंटन की प्रक्रिया को और आसान बनाने की जरूरत बताई है। निवेशकों के भरोसे के लिहाज से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर बनी धारणा भी चुनौती के रूप में सामने आई है।