kitchen budget: दालों की कीमतों ने बिगाड़ा बजट! उड़द-अरहर-मसूर के नए भाव जानें
kitchen budget: दालों की कीमतों में तेजी से आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ रहा है। जानें 24 अगस्त 2026 को उड़द, अरहर और मसूर दाल के थोक और खुदरा भाव कितने बढ़े।
kitchen budget: देश में खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों के बीच अब दालों के दाम भी लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। प्याज, खाद्य तेल और दूसरी जरूरी चीजों के बाद उड़द, अरहर और मसूर की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। त्योहारी सीजन से पहले दालों के महंगे होने से आम परिवारों के रसोई बजट पर असर पड़ सकता है।
उड़द दाल के भाव में बड़ी तेजी
23 अगस्त 2026 को थोक मंडियों में साबुत उड़द की कीमत में एक दिन में 15.29 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद उड़द का औसत थोक भाव 10,238 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। कुछ मंडियों में इसका भाव 13,000 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। इस तेजी का असर खुदरा बाजार में भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय बाजारों में खुली साबुत और धुली उड़द करीब 120 से 150 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। पैकेज्ड उड़द की कीमत भी ब्रांड और जगह के हिसाब से अलग-अलग है।
अरहर दाल भी हुई महंगी
उड़द के साथ अरहर दाल के भाव में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। 23 अगस्त को थोक मंडियों में अरहर की कीमत करीब 19.51 फीसदी बढ़ी। इसके बाद इसका औसत थोक भाव 9,050 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। कुछ मंडियों में अरहर का भाव 13,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। इसका असर बाजार में मिलने वाली अरहर दाल पर भी पड़ा है। खुले बाजार में अरहर दाल की कीमत करीब 140 से 160 रुपये प्रति किलो या उससे ज्यादा बताई जा रही है। वहीं, पैकेज्ड अरहर दाल की कीमत करीब 175 से 195 रुपये प्रति किलो के बीच है।
मसूर दाल की कीमत में सबसे ज्यादा उछाल
24 अगस्त 2026 को मसूर दाल के भाव में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रमुख थोक बाजारों में मसूर की कीमत एक दिन में 35.28 फीसदी बढ़ी। इसके बाद मसूर का औसत थोक भाव 10,672 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। कुछ बाजारों में इसकी कीमत 12,700 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज की गई। खुदरा बाजार में खुली मसूर दाल करीब 110 से 130 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। वहीं, पैकेज्ड मसूर दाल की कीमत करीब 140 से 149 रुपये प्रति किलो के बीच बताई जा रही है।
त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता
दाल भारतीय घरों में रोजाना इस्तेमाल होने वाली जरूरी चीजों में शामिल है। ऐसे में थोक बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों का असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार पर भी पड़ सकता है। त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की स्थिति में कीमतों पर और दबाव आने की चिंता बनी हुई है। हालांकि, किसी दाल की खुदरा कीमत शहर, गुणवत्ता, ब्रांड और दुकान के हिसाब से अलग हो सकती है। इसलिए खरीदारी करते समय अलग-अलग दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कीमत की तुलना करना बेहतर रहेगा।