Train Reservation:रेल टिकट पर सर्जिकल स्ट्राइक, 120 से 60 दिन हुआ रिजर्वेशन, आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य, इनकी बादशाहत होगी खत्म...

Train Reservation: देश की रेल व्यवस्था में बड़ा इन्क़लाबी कदम उठाते हुए Indian Railways ने वर्ष 2025 में टिकट बुकिंग सिस्टम को पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं।

120 से 60 दिन हुआ रिजर्वेशन- फोटो : X

Train Reservation: देश की रेल व्यवस्था में बड़ा इन्क़लाबी कदम उठाते हुए Indian Railways ने वर्ष 2025 में टिकट बुकिंग सिस्टम को पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। सियासी लहजे में कहें तो यह टिकट दलालों, फर्जी खातों और ऑटोमेटेड बॉट्स के खिलाफ “डिजिटल जिहाद” है—ताकि असली मुसाफ़िर को उसका हक़ मिल सके।

सबसे अहम फैसला एडवांस रिजर्वेशन पीरियड पर लिया गया है। पहले यात्रा से 120 दिन पहले टिकट बुकिंग का रास्ता खुलता था, अब इसे घटाकर 60 दिन कर दिया गया है। मकसद साफ है लंबे अरसे तक सीटें ब्लॉक कर ऊंचे दामों पर बेचने की साज़िश पर लगाम। इससे आम यात्री को बेहतर उपलब्धता की उम्मीद जगी है, हालांकि अब सफ़र की प्लानिंग पहले से मुकम्मल करनी होगी।

डिजिटल मोर्चे पर भी सख्ती बढ़ी है। IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक और वेरिफाई करना अनिवार्य कर दिया गया है। बुकिंग खुलने के शुरुआती 15 मिनट सिर्फ उन्हीं यात्रियों के लिए होंगे जिनका अकाउंट सत्यापित है। इससे फर्जी आईडी और बॉट्स की तेज़ बुकिंग पर नकेल कसी जाएगी।

एजेंट लॉबी पर भी लगाम लगाई गई है। बुकिंग शुरू होने के पहले 10 मिनट तक कोई अधिकृत एजेंट टिकट बुक नहीं कर सकेगा। त्योहार और छुट्टियों के मौसम में यह फैसला आम जनता के लिए राहत की सांस साबित हो सकता है। तत्काल टिकट में भी आधार लिंक जरूरी कर दिया गया है, और खुलने के पहले 30 मिनट तक एजेंटों की एंट्री बंद रहेगी।

एक और बड़ा बदलाव रिजर्वेशन चार्ट अब यात्रा से 8 घंटे पहले तैयार होगा, जबकि पहले यह 4 घंटे पहले बनता था। इससे यात्रियों को टिकट की स्थिति समय रहते मालूम हो सकेगी और वैकल्पिक इंतजाम करना आसान होगा।

रेलवे का दावा है कि यह पूरी कवायद सिस्टम को डिजिटल, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। साफ है अब रेल टिकट की राजनीति में पारदर्शिता का नया दौर शुरू हो चुका है।