Maharashtra FDA: एक पनीर डिश पर शक, 2 महीने में 165 लाइसेंस सस्पेंड! तुकाराम मुंडे का बड़ा एक्शन

Maharashtra FDA: महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे को रेस्टोरेंट में पनीर की गुणवत्ता पर शक हुआ। जानिए असली पनीर की पहचान कैसे करें और मिलावट से कैसे बचें।

Maharashtra FDA: आज के समय में खाने-पीने की चीजों में मिलावट को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी है। दूध, घी और पनीर जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहते हैं। ऐसे में Food Safety और खाने की गुणवत्ता पर नजर रखना बेहद जरूरी है। महाराष्ट्र के FDA यानी Food and Drug Administration के कमिश्नर तुकाराम मुंडे से जुड़ा पनीर का एक मामला भी चर्चा में है। उन्होंने एक रेस्टोरेंट में पनीर की डिश की गुणवत्ता पर शक होने के बाद उसे खाने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने दोस्त को भी वह डिश खाने से मना किया और रेस्टोरेंट मैनेजमेंट को इसकी जानकारी दी।

पनीर की डिश देखकर हुआ शक

निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में तुकाराम मुंडे ने बताया कि FDA कमिश्नर का पद संभालने के बाद एक दोस्त ने उन्हें डिनर के लिए रेस्टोरेंट बुलाया था। वहां पनीर की एक डिश मंगाई गई। डिश सामने आने के बाद उन्हें पनीर की गुणवत्ता को लेकर शक हुआ। उन्होंने खुद पनीर नहीं खाया और दोस्त को भी इसे खाने से रोक दिया। इसके बाद उन्होंने रेस्टोरेंट के मैनेजमेंट को भी इस बारे में बताया।

रेस्टोरेंट में लाइसेंस को लेकर भी सवाल

मुंडे के मुताबिक, रेस्टोरेंट में जरूरी Food Licence भी ऐसी जगह नहीं लगा था, जहां वह साफ दिखाई दे। उन्होंने रेस्टोरेंट को कमियां दूर करने के लिए समय दिया और अधिकारियों को दोबारा जांच करने के निर्देश दिए। बाद में हुई जांच के बाद रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की गई।

दो महीने में 3 हजार से ज्यादा जगहों की जांच

तुकाराम मुंडे के अनुसार, महाराष्ट्र FDA ने पिछले दो महीनों में 3,000 से ज्यादा जगहों की जांच की। इस दौरान 700 से अधिक जगहों को कमियां सुधारने के लिए नोटिस दिए गए। इसके अलावा करीब 165 लाइसेंस सस्पेंड किए गए। ये आंकड़े खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर की जा रही कार्रवाई को दिखाते हैं।

असली और मिलावटी पनीर की पहचान कैसे करें?

पनीर खरीदते समय कुछ शुरुआती बातों पर ध्यान दिया जा सकता है। हालांकि, घरेलू तरीके केवल शुरुआती अंदाजा देते हैं और पनीर में मिलावट की पक्की पुष्टि लैब जांच से ही होती है। पनीर को हाथ से दबाने पर उसकी बनावट सामान्य और दूध से बने पनीर जैसी होनी चाहिए। अगर वह बहुत ज्यादा रबड़ जैसा या असामान्य रूप से सख्त महसूस हो, तो सावधानी बरतें। पनीर की गंध और स्वाद भी ध्यान देने लायक हैं। सामान्य पनीर में दूध जैसी हल्की गंध और स्वाद होना चाहिए। असामान्य गंध, कड़वापन या अजीब स्वाद मिलने पर उसे खाने से बचना बेहतर है। बहुत कम कीमत पर मिलने वाले पनीर को लेकर भी सावधान रहें, लेकिन केवल कीमत के आधार पर किसी पनीर को मिलावटी नहीं माना जा सकता।

घरेलू टेस्ट से पक्की पुष्टि नहीं

पनीर की गुणवत्ता या मिलावट की सही पहचान के लिए लैब टेस्ट सबसे भरोसेमंद तरीका है। इसलिए किसी घरेलू जांच को अंतिम प्रमाण नहीं मानना चाहिए। खाने की किसी चीज की गुणवत्ता पर संदेह हो तो उसे खाने के बजाय संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी जानकारी देना बेहतर विकल्प है।