onion price: महंगा हुआ प्याज! कई शहरों में 60 किलो पार, सरकार ने बनाया प्लान

onion price: प्याज की कीमत बढ़कर कई शहरों में 60 रुपये किलो से ऊपर पहुंच गई है। सरकार अब बफर स्टॉक और कांदा एक्सप्रेस के जरिए महंगे इलाकों में सस्ता प्याज पहुंचाने की तैयारी में है।

onion price:  प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। देश के कई शहरों में प्याज के दाम तेजी से ऊपर जा रहे हैं। बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार अब अपने बफर स्टॉक में रखे प्याज को बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। सरकार की कोशिश है कि जिन शहरों में प्याज महंगा बिक रहा है, वहां अतिरिक्त सप्लाई पहुंचाकर कीमतों को नीचे लाया जाए।


42 रुपये किलो पहुंचा प्याज का औसत खुदरा भाव


शनिवार को देश में प्याज का औसत खुदरा भाव करीब 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। यह पिछले साल की तुलना में करीब 45 फीसदी और पिछले महीने के मुकाबले लगभग 19 फीसदी अधिक है। कुछ बड़े शहरों में कीमत इससे भी ज्यादा है। दिल्ली में प्याज करीब 65 रुपये किलो, जबकि चेन्नई में इसका भाव करीब 58 रुपये किलो बताया गया। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय सप्लाई और मांग के कारण प्याज की कीमत में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।


महंगे इलाकों में भेजा जाएगा सरकारी प्याज


सरकार के पास जरूरी खाद्य पदार्थों का बफर स्टॉक रहता है। जब बाजार में किसी जरूरी सामान की कमी होती है या उसकी कीमत तेजी से बढ़ती है, तब इस स्टॉक का इस्तेमाल कीमतों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इसी रणनीति के तहत अब बफर स्टॉक का प्याज उन इलाकों में भेजने की तैयारी है, जहां इसके दाम ज्यादा हैं। सरकार की योजना एक साथ पूरे देश में प्याज उतारने की बजाय मांग और कीमत के हिसाब से अलग-अलग क्षेत्रों में सप्लाई बढ़ाने की है।इससे बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ सकती है और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।


फिर चलेगी ‘कांदा एक्सप्रेस’


प्याज की लंबी दूरी तक ढुलाई के लिए सरकार एक बार फिर ‘कांदा एक्सप्रेस’ का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। यह विशेष रेल सेवा अक्टूबर 2024 में शुरू की गई थी। इसके जरिए महाराष्ट्र के नासिक से दूसरे राज्यों और बड़े शहरों तक बफर स्टॉक का प्याज पहुंचाया गया था।इस बार नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे शहरों तक प्याज पहुंचाने की तैयारी है। इन शहरों में प्याज की कीमत अपेक्षाकृत ज्यादा बताई जा रही है।रेल के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज भेजने से लंबी दूरी की ढुलाई में लगने वाले समय और खर्च को कम करने में भी मदद मिल सकती है।


आगे की जरूरत के लिए भी तैयारी


सरकार केवल मौजूदा बफर स्टॉक पर निर्भर नहीं रहना चाहती। आने वाले महीनों में प्याज की मांग को पूरा करने के लिए किसानों के साथ मिलकर भी स्टॉक तैयार करने की कोशिश की जा रही है।इसका मकसद सिर्फ अभी बढ़ी कीमतों को नियंत्रित करना नहीं है, बल्कि आने वाले समय में प्याज की कमी की स्थिति बनने से रोकना भी है।


चीनी की कीमत भी बढ़ी


प्याज के साथ चीनी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को चीनी का भाव करीब 62.50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया, जबकि एक महीने पहले यह लगभग 46 रुपये किलो था। दिल्ली और मुंबई में चीनी की खुदरा कीमत करीब 65 रुपये और 69 रुपये प्रति किलो बताई गई है। ऐसे में प्याज और चीनी दोनों के महंगे होने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।