Sugar price: महंगी चीनी से मिलेगी राहत? ISMA ने 7-10 दिन में दाम घटने की उम्मीद जताई

Sugar price: चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच ISMA ने कहा कि देश में चीनी की कमी नहीं है। जानें क्यों बढ़े दाम और अगले 7-10 दिनों में कीमत घटने की उम्मीद क्यों है।

Sugar price: देश में त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। इस दौरान मिठाई और दूसरी चीजों में चीनी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। हालांकि, चीनी की कमी को लेकर अब राहत की खबर सामने आई है।


चीनी मिलों के संगठन इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन यानी ISMA का कहना है कि देश में चीनी की कमी नहीं है। संगठन के मुताबिक, आने वाले 7 से 10 दिनों में चीनी के दाम नीचे आ सकते हैं।


चीनी महंगी होने की क्या वजह है?


ISMA के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर के मुताबिक, हाल में चीनी की कीमत बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। व्यापारियों और बड़े खरीदारों की ज्यादा खरीदारी, खराब मौसम की वजह से उत्पादन पर असर और बाजार में सट्टेबाजी को इसकी प्रमुख वजह बताया गया है। ISMA ने यह भी कहा कि चीनी मिलों ने बाजार में जानबूझकर कमी पैदा नहीं की है। संगठन का दावा है कि बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध है और आने वाले दिनों में सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।


अक्टूबर में बढ़ सकता है चीनी का उत्पादन


सरकार ने चीनी मिलों को इस साल गन्ने की पेराई जल्दी शुरू करने को कहा है। आमतौर पर पेराई नवंबर की शुरुआत में शुरू होती है, लेकिन इस बार इसे करीब 10 से 15 दिन पहले शुरू करने की तैयारी है। ISMA के अनुसार, अगर करीब 15 अक्टूबर से पेराई शुरू होती है तो अक्टूबर में लगभग 10 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है। सामान्य तौर पर इस महीने करीब 4 से 5 लाख टन चीनी का उत्पादन होता है। तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी गन्ने की पेराई बढ़ने की उम्मीद है। इससे बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ सकती है।


देश में कितना चीनी स्टॉक मौजूद है?


ISMA के अनुमान के अनुसार, 2025-26 सीजन में भारत में चीनी का शुद्ध उत्पादन करीब 2.79 करोड़ टन रह सकता है। देश में चीनी की सालाना खपत करीब 2.8 से 2.85 करोड़ टन बताई गई है। इसके अलावा करीब 35 लाख टन चीनी का शुरुआती स्टॉक भी मौजूद है। ऐसे में संगठन का कहना है कि देश में चीनी की कुल उपलब्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।


ड्यूटी-फ्री आयात से भी बढ़ेगी सप्लाई


घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने हाल ही में 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी है। आयात की नई खेप आने से बाजार में सप्लाई बढ़ सकती है। ISMA को उम्मीद है कि त्योहारों के दौरान खरीदारी सामान्य होने और नई चीनी की सप्लाई बढ़ने के बाद कीमतों पर दबाव कम होगा। संगठन के मुताबिक, अगले 7 से 10 दिनों में बाजार में चीनी के दाम कम होने की संभावना है।


त्योहारों में मिल सकती है राहत


फिलहाल चीनी की कीमतों में तेजी ने लोगों की चिंता बढ़ाई है, लेकिन उपलब्ध स्टॉक, नई फसल की जल्द पेराई और आयात के फैसले से बाजार में सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद है। अगर ये कदम योजना के अनुसार आगे बढ़ते हैं तो त्योहारों के दौरान चीनी की कीमतों में राहत मिल सकती है।