Bihar Drug Network: वॉट्सऐप के कोडवर्ड से ड्रग्स का धंधा, बिहार बना नशीले पदार्थों हॉटस्पॉट
Bihar Drug Network: नशीले पदार्थों के कारोबार ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।...
Bihar Drug Network: नशीले पदार्थों के कारोबार ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब ड्रग्स तस्करों द्वारा सीधे नशीले पदार्थों का नाम लेने के बजाय कथित तौर पर वॉट्सऐप और दूसरे डिजिटल माध्यमों पर कोडवर्ड का इस्तेमाल कर सौदे किए जाने की जानकारी सामने आई है।भोजपुर जिले में शाहपुर, जगदीशपुर और आरा शहर के कई इलाकों में स्मैक, ब्राउन शुगर और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क सक्रिय होने की बात सामने आ रही है।
जानकारी के अनुसार, तस्कर और खरीदार पहले डिजिटल माध्यम से संपर्क स्थापित करते हैं। इसके बाद कथित तौर पर कोडवर्ड के जरिए नशीले पदार्थ की डील, सप्लाई की जगह और समय तय किया जाता है। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए तस्करों द्वारा लगातार अपना तरीका बदले जाने की बात कही जा रही है। इससे नशीले पदार्थों के इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
भोजपुर में पुलिस की लगातार कार्रवाई के दौरान नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी से जिले में सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क की तस्वीर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शाहपुर थाना क्षेत्र से करीब 1.50 किलो ब्राउन शुगर और जगदीशपुर थाना क्षेत्र से 69.48 ग्राम हेरोइन बरामद किए जाने की कार्रवाई सामने आई है।इन मामलों की जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जिले में नशीले पदार्थों की खेप आखिर कहां से पहुंच रही है और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। पुलिस की नजर सप्लाई चेन से जुड़े लोगों के साथ-साथ छोटे स्तर पर नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों पर भी है।ड्रग्स के इस कारोबार में युवाओं और किशोरों को निशाना बनाए जाने की आशंका सबसे ज्यादा चिंता का विषय है। नशे की गिरफ्त में आने के बाद युवाओं की पढ़ाई, करियर और पारिवारिक जीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि परिवारों से बच्चों और युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी युवा के व्यवहार में अचानक बदलाव, लोगों से दूरी बनाना, अकेले रहना, पढ़ाई या काम में रुचि कम होना, खाने-पीने की दिनचर्या बदलना अथवा असामान्य व्यवहार जैसे संकेत दिखाई दें तो परिवार को सतर्क होना चाहिए। हालांकि, ऐसे लक्षण अकेले नशे की पुष्टि नहीं करते और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
नशीले पदार्थों की सप्लाई में वॉट्सऐप और अन्य डिजिटल माध्यमों के कथित इस्तेमाल ने पुलिस के सामने जांच का नया मोर्चा खोल दिया है। अब निगरानी सिर्फ सड़कों, चौक-चौराहों और संदिग्ध ठिकानों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि डिजिटल संपर्क और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है।
पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि अगर किसी इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। रिपोर्ट में आपात स्थिति में डायल-112 अथवा संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने की अपील का भी उल्लेख है।भोजपुर में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। अब पुलिस की कोशिश सप्लाई चेन की कड़ी तक पहुंचने और इस अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने की है। हालांकि वॉट्सऐप पर कोडवर्ड के इस्तेमाल से संबंधित दावों की विस्तृत पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट- आशीष कुमार