Bihar Crime: अभिनेता अली खान के भांजे राहत अली खान की मौत से सनसनी, चाय में जहर या साज़िश की कहानी?

Bihar Crime: फिल्म अभिनेता अली खान के भांजे राहत अली खान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अभिनेता अली खान के भांजे राहत अली खान की मौत से सनसनी- फोटो : reporter

Bihar Crime:  फिल्म अभिनेता अली खान के भांजे राहत अली खान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि यह कोई साधारण मौत नहीं, बल्कि ‘चाय में जहर’ देकर रची गई सोची-समझी साजिश है।बिहार के गया जिले के कोठी सोहेल थाना क्षेत्र के पोखरी गांव में एक सनसनीखेज मौत ने इलाके को सन्न कर दिया है।

मामला 15 फरवरी की रात का बताया जा रहा है। मृतक के पिता सदी कुल्लाह खान का दावा है कि रात करीब 8:30 बजे राहत की पत्नी ने उन्हें चाय दी, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पहले स्थानीय डॉक्टर को दिखाया गया, फिर हालत नाजुक होने पर उन्हें अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से पटना रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में कराया गया है।

परिजनों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। शादी के कुछ महीनों बाद से ही झगड़े शुरू हो गए थे। आरोप है कि पत्नी अक्सर झूठे केस में फंसाने और जहर देकर मारने की धमकी देती थी। इससे पहले भी एक केस दर्ज हुआ था, जिसमें राहत को हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। पिता का कहना है, “यह पूर्व नियोजित कत्ल है, हमें पहले से धमकियां मिल रही थीं।” हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद पत्नी ने खुद पुलिस को फोन कर सूचना दी। पुलिस ने पूछताछ के बाद पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इमामगंज पुलिस अनुमंडल के डीएसपी कमलेश कुमार ने कहा कि शुरुआती जांच जारी है और पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर साफ होगी। पुलिस यह भी जांच रही है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का।

राहत अली खान न सिर्फ अभिनेता के भांजे थे, बल्कि उनके बड़े भाई सनाउल्लाह खान भोजपुरी फिल्मों में सक्रिय हैं। राहत गांव में लेडीज पर्स और बैग का स्टार्टअप चलाते थे, साथ ही पत्रकारिता और यूट्यूब पर भी सक्रिय थे। इस रहस्यमयी मौत ने घरेलू विवादों की भयावह सूरत को फिर उजागर कर दिया है। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं क्या यह जहर का खेल था या रिश्तों की कड़वाहट ने ली एक और जान?

रिपोर्ट- मनोज कुमार