Bihar Crime: पूर्व सांसद के ठिकाने पर छापा! नकली दवाओं का काला जखीरा बरामद, दवा माफिया नेटवर्क में हड़कंप

Bihar Crime:औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़े स्तर पर नकली दवाओं का भंडाफोड़ हुआ है, और इस छापेमारी का दायरा इतना बड़ा है कि अब राजनीतिक गलियारों तक इसकी आंच पहुंचती दिख रही है। ...

पूर्व सांसद के ठिकाने से नकली दवाओं का जखीरा बरामद!- फोटो : reporter

Bihar Crime:औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़े स्तर पर नकली दवाओं का भंडाफोड़ हुआ है, और इस छापेमारी का दायरा इतना बड़ा है कि अब राजनीतिक गलियारों तक इसकी आंच पहुंचती दिख रही है। गया जी से इस वक्त एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है।  सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई गया शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित पीपरपांती और न्यू एरिया इलाके में की गई, जहां टीम ने अचानक दबिश देकर एक संदिग्ध परिसर को खंगालना शुरू किया। इस कार्रवाई में रंजीत कुमार सिंह से जुड़े आवासीय परिसर और कार्यालय स्थल को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।

छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली और नशीली दवाएं, दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, पैकिंग सामग्री और कई संदिग्ध उपकरण बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा था और ऊपर से सामान्य विभागीय कार्यालय की आड़ में अवैध गतिविधियां चलाई जा रही थीं।

 भवन के निचले हिस्से में पशुपालन और मत्स्य विभाग का कार्यालय संचालित होता था, जबकि ऊपरी मंजिल पर ताले बंद कमरों में यह संदिग्ध कारोबार चलाया जा रहा था। पुलिस को मौके से दवा पैकिंग मशीनें और अन्य तकनीकी सामान भी मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल भंडारण नहीं बल्कि एक सक्रिय उत्पादन और सप्लाई नेटवर्क हो सकता है।

छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किए जाने की भी पुष्टि हुई है, हालांकि उसकी पहचान अभी गोपनीय रखी गई है। पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम मौके पर गहन जांच में जुटी हुई है और बरामद सभी सामग्रियों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है।इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व टाउन डीएसपी और कोतवाली थाना पुलिस ने किया। जैसे ही छापेमारी की खबर फैली, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए।

अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल नकली दवाओं तक सीमित नहीं लगता, बल्कि इसके पीछे एक संगठित आपराधिक नेटवर्क होने की आशंका है। जल्द ही इस पूरे प्रकरण पर उच्च अधिकारियों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और यह माना जा रहा है कि आगे चलकर इस नकली दवा रैकेट से जुड़े कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप और तेज हो सकता है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार