निगरानी की एक और बड़ी कार्रवाई, महिला हेल्पलाइन की केंद्राधीक्षक को घूस लेते रंगे हाथ दबोचा

बिहार मे आए दिन घूस लेते अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद भी इसका सिलसिला थमने का नहीं ले रहा। सोमवार को एक और भ्रष्ट अधिकारी को निगरानी की टीम ने घूस लेते रंगे हाथ दबोचा है......

महिला हेल्पलाइन की केंद्राधीक्षक घूस लेते गिरफ्तार- फोटो : दीनानाथ मौआर

Aurangabad :  जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी की टीम ने  वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन औरंगाबाद की केंद्राधीक्षक कांति कुमारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।


पड़ोसी के विवाद में पक्ष में फैसला सुनाने के नाम पर मांगी थी 15 हजार की रिश्वत 

मामले की जानकारी देते हुए पटना निगरानी विभाग की पुलिस उपाधीक्षक (DSP) रिश्ता सिंह ने बताया कि 15 सितंबर 2026 को नवीनगर निवासी पीड़िता पूनम देवी ने विजिलेंस विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, पूनम देवी के पड़ोसी ने महिला हेल्पलाइन में उनके खिलाफ शिकायत की थी कि वे निजी जमीन में पानी और कचरा फेंकती हैं तथा मना करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करती हैं। इसी मामले की सुनवाई के दौरान केंद्राधीक्षक कांति कुमारी ने पूनम देवी को कार्यालय बुलाया और उनके पक्ष में फैसला सुनाने के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।


निगरानी टीम ने सत्यापन के बाद बिछाया जाल 

पूनम देवी द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर विजिलेंस टीम ने गोपनीय तरीके से मामले की जांच और सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप पूरी तरह सत्य पाया गया। इसके बाद डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (ट्रैप टीम) का गठन किया गया।


10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा गया, भेजी जा रही हैं जेल 

सोमवार को योजनाबद्ध तरीके से जैसे ही पीड़िता पूनम देवी ने केंद्राधीक्षक कांति कुमारी को उनके कार्यालय में रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए, विजिलेंस की टीम ने उन्हें रंगे हाथ धर दबोचा। पुलिस टीम ने उनके पास से रिश्वत की रकम भी जब्त कर ली है।


आवश्यक कागजी प्रक्रिया के बाद होगी कोर्ट में पेशी 

विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार महिला अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। औरंगाबाद में प्रारंभिक कागजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी केंद्राधीक्षक को पटना स्थित विशेष निगरानी अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजा जाएगा।

दीनानाथ की रिपोर्ट