Bihar Crime:खाकी वर्दी पर रिश्वत का दाग पर बड़े साहब हुए सख्त, दो पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

Bihar Crime: पुलिस की वर्दी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है।

दो पुलिसकर्मी निलंबित- फोटो : reporter

Bihar Crime:पुलिस की वर्दी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कटिहार में डायल-112 की टीम पर सड़क पर पिकअप वैन रोककर कथित तौर पर रुपये लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचा तो कटिहार एसपी परिचय कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए। जांच में वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद डायल-112 में तैनात पीटीसी टिंकू कुमार और सिपाही अभिमन्यु कुमार को निलंबित कर दिया गया।

मामला कटिहार के कदवा थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में दावा किया गया कि पूर्णिया से कटिहार के कदवा की ओर जा रही एक पिकअप वैन को डायल-112 की टीम ने सड़क पर रोक लिया। आरोप है कि वाहन में सवार लोगों से पुलिसकर्मियों ने रुपये की मांग की। इसके बाद संबंधित व्यक्ति ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को 50 रुपये दिए और वहां से आगे निकल गया।

बताया जा रहा है कि घटना के बाद पिकअप वैन में सवार व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। देखते ही देखते वीडियो वायरल होने लगा। वीडियो में लगाए गए आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। मामला अधिकारियों तक पहुंचते ही विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कराई।

जांच के दौरान वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार जांच में आरोप सत्य पाए गए। इसके बाद संबंधित दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। पुलिस का यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि डायल-112 जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े जवानों पर आम लोगों की सुरक्षा और सहायता की बड़ी जिम्मेदारी होती है।प्रभारी हेडक्वार्टर डीएसपी सद्दाम हुसैन ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले का संज्ञान लिया था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

अब जांच का दायरा इस बात तक भी पहुंच सकता है कि कथित तौर पर रुपये लेने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कोई अन्य व्यक्ति या पुलिसकर्मी शामिल था या नहीं। विभागीय कार्रवाई के साथ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आगे के साक्ष्य जुटाने में लगी है।इस पूरे प्रकरण ने पुलिस महकमे के लिए भी एक कड़ा संदेश छोड़ा है। सड़क पर वाहन रोककर पैसे लेने के आरोप की पुष्टि होने के बाद दो जवानों का निलंबन यह बताता है कि वर्दी की आड़ में किसी भी तरह की कथित वसूली को विभाग हल्के में लेने के मूड में नहीं है। अब निगाह इस बात पर है कि प्राथमिकी की जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषी पाए जाने पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह