Bihar Crime:नेपाली हसीना के नशे का खेल खत्म! ब्राउन शुगर बरामद, पूछताछ में खुल रहे चौकाने वाले राज
Bihar Crime:सीमा पर नशे का काला कारोबार बेनकाब हुआ हैष ब्राउन शुगर के साथ नेपाली महिला तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया है...
Bihar Crime: भारत-नेपाल सीमा पर नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बार फिर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सशस्त्र सीमा बल की 41वीं वाहिनी, रानीडांगा ने सतर्कता और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक नेपाली महिला तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उसके पास से 38.7 ग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर बरामद की गई है, जिससे इलाके में तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।
यह कार्रवाई पानी टंकी कंपनी अंतर्गत ओल्ड ब्रिज बीओपी की टीम द्वारा की गई, जहां खुफिया सूचना के आधार पर सीमा के पास विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया। बीपी नंबर 90/1 के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की भनक मिलते ही जवानों ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया और कुछ ही देर में महिला को पकड़ लिया गया।तलाशी के दौरान महिला के पास से 37 पुड़ियों में पैक ब्राउन शुगर, एक सैमसंग मोबाइल फोन, दो नेपाली सिम कार्ड, 20 हजार नेपाली रुपये और पहचान पत्र बरामद किए गए। स्निफर डॉग और ड्रग डिटेक्शन किट की मदद से जब जांच की गई तो पदार्थ के नशीला होने की पुष्टि हो गई।
गिरफ्तार महिला की पहचान जम्मू कुमारी सदा, निवासी दमक, झापा (नेपाल) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पहले भी दो बार इसी तरह नशे की खेप सीमा पार कर चुकी है और इस बार वह सुरक्षा बलों को चकमा देकर भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। लेकिन इस बार एसएसबी की चौकसी के आगे उसकी चालाकी नाकाम हो गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि उसने यह नशीला पदार्थ 60 हजार नेपाली रुपये में पानीटंकी क्षेत्र की एक महिला से खरीदा था। इस खुलासे के बाद तस्करी गिरोह के और भी बड़े नेटवर्क की आशंका गहराती जा रही है।पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए खपरैल पुलिस स्टेशन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपी, बरामद माल और सभी साक्ष्य सौंप दिए गए हैं। अब मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज कर गहन जांच की जा रही है।अधिकारियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी सिर्फ एक कड़ी है, जबकि इसके पीछे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई हैं, ताकि सीमा पार नशे के इस काले कारोबार की पूरी जड़ तक पहुंचा जा सके।