रिश्वतखोर दारोगा रंगेहाथ धराया, घूस लेते ही खेल खत्म, विजिलेंस की टीम ने किया गिरफ्तार
Bihar vigilance raid: बिहार के मधेपुरा जिले में घूसखोरी का खेल खेल रहे एक दारोगा की कहानी आखिरकार सलाखों तक पहुंच गई।
Bihar vigilance raid: मधेपुरा जिले में घूसखोरी का खेल खेल रहे एक दारोगा की कहानी आखिरकार सलाखों तक पहुंच गई। पुरैनी थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
मामला कोई छोटा-मोटा नहीं, बल्कि जमीन की फाइल को आगे बढ़ाने का रेट कार्ड तय करने का था। आरोपी दारोगा पर आरोप है कि वह जांच रिपोर्ट पीड़ित के पक्ष में देने के लिए लगातार ‘नजराना’ मांग रहा था।पूरा खेल तब खुला जब औरईया गांव के वशिष्ठ कुमार विश्वकर्मा ने 20 मार्च को पटना स्थित निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही विजिलेंस ने इस डील की गुप्त जांच शुरू की और आरोपों को सही पाया गया।
इसके बाद विजिलेंस के एसपी इकबाल मेहदी के निर्देशन में एक स्पेशल ट्रैप टीम तैयार की गई। 7 अप्रैल को जैसे ही दारोगा ने 7 हजार रुपये की सेटिंग अमाउंट अपने हाथ में ली, सादे लिबास में मौजूद टीम ने उसे मौके पर ही ‘लॉक’ कर दिया।
छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से केमिकल लगे नोट बरामद किए गए यानी सबूत अब इतना पुख्ता है कि कोर्ट में बच निकलना आसान नहीं होगा। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। साफ संदेश है अब फाइल दबाकर ‘उगाही’ करने वाले अफसरों का खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा। यह रिश्वत कांड सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन तमाम भ्रष्ट अधिकारियों के लिए खुला अल्टीमेटम है अब या तो सुधर जाओ, या फिर अगला नंबर तुम्हारा!
रिपोर्ट- कुलदीप भारद्वाज