Bihar Crime: चोरों का दुस्साहस, पुलिसकर्मी के घर घुसकर उड़ा ले गए सरकारी पिस्टल, कानून को दी खुली चुनौती

Bihar Crime: चोरों ने पुलिसकर्मी के मकान को निशाना बनाते हुए सरकारी पिस्टल पर ही हाथ साफ कर दिया।...

जब रखवाले ही लुट गए…- फोटो : X

Bihar Crime: चोरों ने पुलिसकर्मी के मकान को निशाना बनाते हुए सरकारी पिस्टल पर ही हाथ साफ कर दिया।  मुंगेर में एक ऐसा सनसनीखेज वाकया सामने आया है, जिसने महकमा-ए-पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कासिम बाजार थाना क्षेत्र के संदलपुर मोहल्ले में चोरों ने एक पुलिसकर्मी के किराए के मकान को निशाना बनाते हुए सरकारी पिस्टल पर ही हाथ साफ कर दिया। यह कोई मामूली चोरी नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाला जुर्रतभरा जुर्म माना जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक, सिपाही अमरनाथ कुमार यादव, जो एक विशेष न्यायाधीश के अंगरक्षक के तौर पर तैनात हैं, उनके आवास पर 14 और 15 मार्च की दरम्यानी रात यह वारदात अंजाम दी गई। मुल्जिमान ने पहले घर के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा, फिर अंदर रखे बक्से की कुंडी चकनाचूर कर दी और बेहद इत्मीनान से सरकारी पिस्टल लेकर फरार हो गए। इस पूरी कार्रवाई में चोरों ने जिस तरह सलीके और साजिश के साथ काम किया, उससे यह मामला महज चोरी नहीं बल्कि एक मंसूबाबद्ध आपराधिक साजिश की बू देता है।

हैरतअंगेज पहलू यह है कि वारदात के कई दिन गुजर जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। न तो मसरूका (चोरी गई) पिस्टल बरामद हो सकी है और न ही किसी मुजरिम की शिनाख्त हो पाई है। यह सुस्ती और नाकामी खुद पुलिस महकमे की साख पर सवालिया निशान लगा रही है।

इलाके में दहशत का माहौल कायम है। लोगों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि जब खुद कानून के रखवालों का असलहा महफूज नहीं, तो आम आवाम की हिफाजत कैसे मुमकिन होगी। पुलिस फिलहाल तफ्तीश में जुटी होने का दावा कर रही है, लेकिन अब तक की खामोशी इस पूरे मामले को और ज्यादा संदिग्ध बना रही है।

यह वाकया न सिर्फ एक आपराधिक घटना है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामी और लापरवाही का आईना भी दिखाता है, जिसकी गूंज अब पूरे जिले में सुनाई दे रही है।




रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान