Viral Video : महिलाओं के अंडर गारमेंट्स छूने का वीडियो वायरल होने के बाद सख्त कार्रवाई, 5 पुलिसकर्मी हुए लाइन हाजिर

Viral Video : वीडियो में एक पुलिसकर्मी शॉपिंग मॉल के अंदर आपत्तिजनक हरकत करते हुए दिखाई दे रहा है. वह महिलाओं के अंडर गारमेंट्स छू रहा था. इस मामले में अब बड़ी कार्रवाई हुई है.

Viral Video :  महिलाओं के अंडर गारमेंट्स छूने का वीडियो वायर
अंडर गारमेंट्स छूना पड़ा महंगा - फोटो : SOCIAL MEDIA

UP DESK : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक शर्मनाक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के बाद एसपी ख्याति गर्ग ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक साथ पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई न केवल अनुशासनहीनता बल्कि ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही को लेकर की गई है।

मॉल के अंदर आपत्तिजनक हरकत का वीडियो वायरल

मामले की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा। इस वीडियो में पढ़ुआ थाने में तैनात हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार वर्मा एक शॉपिंग मॉल के अंदर महिलाओं के अंतःवस्त्रों (अंडरगारमेंट्स) को अनुचित और आपत्तिजनक तरीके से छूते हुए नजर आए। शुरुआत में विभाग ने बचाव करते हुए इसे पारिवारिक शॉपिंग बताया था, लेकिन वीडियो की गंभीरता और सार्वजनिक आक्रोश को देखते हुए एसपी ने गहन जांच के आदेश दिए।

ड्यूटी छोड़कर मॉल में कर रहे थे मौज-मस्ती

जांच में जो तथ्य सामने आए, उसने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। खुलासा हुआ कि 27 अप्रैल 2026 को ये पुलिसकर्मी होमगार्ड परीक्षा की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात थे। अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय पढ़ुआ थाने के पांचों पुलिसकर्मी ड्यूटी स्थल छोड़कर मॉल में शॉपिंग और मौज-मस्ती करने चले गए थे। विभाग ने इसे सेवा नियमावली का उल्लंघन और गंभीर अनुशासनहीनता माना है।

एसपी की गाज: पांचों पुलिसकर्मी तत्काल प्रभाव से निलंबित

मामले की पुष्टि होने के बाद एसपी ख्याति गर्ग ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। निलंबित होने वालों में पुलिसकर्मियों में हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार वर्मा, हेड कांस्टेबल राशीद चौधरी, कांस्टेबल विक्रांत चौधरी, कांस्टेबल रचित राजपूत और कांस्टेबल लोकेश पांडे शामिल हैं। 

विभागीय कार्यवाही शुरू, पुलिस की छवि पर सवाल

खीरी पुलिस के मीडिया सेल द्वारा जारी निलंबन पत्र के अनुसार, इन सभी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस बल के भीतर अनुशासन और नैतिक आचरण पर बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि सुरक्षा के लिए तैनात जिम्मेदार कर्मी ही अगर इस तरह की हरकतों में शामिल होंगे, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा।