Bihar Crime: शराब और शबाब के बाद अब स्मैक की तस्करी में नाजनीन, हसीना और भाई के कारनामा से पुलिस के होश हुआ फाख्ता, सफेद जहर का बड़ा खेप बरामद

Bihar Crime:एक हसीना और उसके भाई के पास से दो हजार से अधिक स्मैक की पुड़िया और लाखों रुपये नकद बरामद होना सिर्फ एक स्थानीय अपराध नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि किस तरह ड्रग्स का नासूर समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है।

सुंदरी का काला कारनामा- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार की हवा में इन दिनों खाकी का खौफ कम और कानून के गाल पर तमाचा जड़ते हुए नए-नए कारनामे ज्यादा गूंज रहे हैं। अभी नेहा झा के मामलों की स्याही सूखी भी नहीं थी कि मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र से एक और महारानी अपने भाई के साथ खाकी की गिरफ्त में आ गई है।मामला इश्क या मुसीबत का नहीं, बल्कि सफेद जहर यानी स्मैक के काले कारोबार का है!

खाकी के आला अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली कि हनुमान नगर की फिजाओं में कुछ तो काला है। जब पुलिस ने दबिश दी, तो जो नजारा दिखा, उसे देख अच्छे-अच्छों के होश फाख्ता हो गए। जमीन के अंदर एक प्लास्टिक के ड्राम में गाड़कर 2015 पुड़िया स्मैक (वजन 2.435 ग्राम, कीमत लाखों में) छिपाई गई थी। साथ में 2 लाख 10 हजार रुपये नगद का ऐसा जखीरा मिला, जिसे देखकर लगता है कि ये भाई-बहन नशे की दुनिया के बेताज बादशाह बनने चले थे।

पुलिस ने भी हार नहीं मानी, पसीना बहाया और जमीन खोदकर इस सफेद जहर के समंदर को बाहर निकाल ही लिया। अब एसडीपीओ ईस्ट-वन आलय वत्स के नेतृत्व में खाकी इन दोनों मुजरिमों कुमारी और उसके भाई शिवशंकर कुमार की कुंडली खंगाल रही है। सवाल यह है कि यह सफेद पाउडर कहां से आया और इस खानदान में कब से स्मैक का शोज़ चल रहा था?

बिहार में बंदिशें शराब पर हैं, लेकिन लगता है इन शातिर हसीनाओं ने नशे का कारोबार ही अपना पुस्तैनी धंधा बना लिया है। अब देखना यह है कि पुलिस की पूछताछ में इस नेक्सेस के और कौन-कौन से नए चेहरे बेनकाब होते हैं!

बहरहाल बिहार में लगातार सामने आ रहे अपराध के नए और हैरान करने वाले मामले यह चीख-चीख कर कह रहे हैं कि कानून का खौफ अपराधियों के दिलों से पूरी तरह गायब हो चुका है। मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र में एक हसीना और उसके भाई के पास से दो हजार से अधिक स्मैक की पुड़िया और लाखों रुपये नकद बरामद होना सिर्फ एक स्थानीय अपराध नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि किस तरह ड्रग्स का नासूर समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है। अपराध की दुनिया में महिलाओं और युवाओं की संलिप्तता तेजी से बढ़ रही है। जमीन के अंदर ड्राम में छिपाकर रखे गए सफेद जहर का यह काला कारोबार इस बात का प्रतीक है कि अपराधी अब अपनी हरकतों को छिपाने के लिए किस हद तक शातिर तरीके अपना रहे हैं। हालांकि,खाकी ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है, लेकिन असली चुनौती इस नेक्सस की जड़ों तक पहुँचना है। पुलिस और प्रशासन की यह कार्रवाई एक चेतावनी है, लेकिन इसके साथ ही युवाओं को बर्बादी के इस दलदल से बचाने के लिए सख्त सामाजिक और कानूनी नीतियों की बेहद आवश्यकता है।

रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा