Bihar Pakistani Agent Arrested: बिहार में आईएसआई का स्लीपर मॉड्यूल ध्वस्त, सेना की जासूसी में दो एजेंट दबोचे, आईएसए-एनआईए का हुआ बड़ा भंडाफोड़

Bihar Pakistani Agent Arrested: भारतीय सेना की संप्रभुता और सुरक्षा में सेंध लगाने की एक घिनौनी और मुल्क विरोधी साजिश का भंडाफोड़ बिहार में हुआ है....

बेनकाब हुआ देशद्रोही - फोटो : reporter

Bihar Pakistani Agent Arrested: भारतीय सेना की संप्रभुता और सुरक्षा में सेंध लगाने की एक घिनौनी और मुल्क विरोधी साजिश का भंडाफोड़ करते हुए असम STF और एनआईए के संयुक्त ऑपरेशन में मोतिहारी के अभिषेक कुमार सिंह (31 वर्ष) और बेगूसराय के रितेश कुमार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के आधिकारिक जरियात के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों पर भारतीय फौज के अती संवेदनशील ठिकानों, सामरिक नक्शों और गतिविधियों से जुड़े महफूज दस्तावेज सीमा पार बैठे पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव  और पाक हैंडलर्स को फरहाम करने का संगीन इल्जाम है।

इस गिरोह का सुराग तब मिला जब एनआईए (NIA) को पाकिस्तान से जुड़े इस जासूसी नेटवर्क का इनपुट हासिल हुआ। इसके फौरन बाद असम पुलिस, एसटीएफ और आर्मी इंटेलिजेंस ने संयुक्त तौर पर तहकीकात की डोर संभाली। जांच में पुख्ता सूबूत मिलने के बाद एसटीएफ की स्पेशल टीम ने छापेमारी कर अभिषेक को रंगे हाथों दबोच लिया। उसके कब्जे से मिले मोबाइल फोन, पाकिस्तानी सिम कार्ड और कई आपत्तिजनक इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी (डिवाइस) जब्त किए गए हैं, जिन्हें फौरन फॉरेंसिक फॉरवर्डिंग के लिए लैब भेजा गया है।

अभिषेक से सख्त पूछताछ और इकबालिया बयान के आधार पर इस जासूसी रैकेट की परतें खुलती चली गईं, जिसके तार बेगूसराय तक जा पहुंचे। एसटीएफ ने कार्रवाई तेज करते हुए बेगूसराय से रितेश कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, रितेश भी लगातार आईएसआई के सीमापार आकाओं के सीधे संपर्क में था और गोपनीय जानकारियां मुहैया करा रहा था।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आरोपी अभिषेक के  पते, उसके घर-परिवार, रिश्तेदारों और हालिया माली लेनदेन का गहनता से सत्यापन और जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। केंद्रीय जांच एजेंसियां और एसटीएफ दोनों आरोपियों से राज उगलवाने के लिए रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही हैं, ताकि भारत में फैले इनके पूरे गिरोह और मददगारों को पूरी तरह बेनकाब किया जा सके।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार