दादा की दुर्दशा..छोटू सिंह का निष्काशन और डॉ एनपी सिंह का ट्रांसफर...जदयू पर जमकर बरसे पूर्व सांसद आनंद मोहन, कहा राजपूत समाज का हो रहा क्रमबद्ध कत्लेआम

Bihar Politics : पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) पर करारा हमला बोलते हुए पार्टी पर राजपूत समाज की लगातार उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया है....पढ़िए आगे

राजपूतों की उपेक्षा - फोटो : DHIRAJ

New Delhi : पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जेडीयू पर तीखा हमला बोला है और पार्टी पर राजपूत समाज की उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक वर्ग विशेष केवल वोटर बनकर रह गया है। बिहार विधान परिषद् की 8 में से एक भी सीट पर राजपूत उम्मीदवार नहीं दिया गया। उन्होंने कहा की इससे मैसेज जायेगा। हालाँकि मैसेज पहले ही जा चुका है। 

आनंद मोहन ने आरोप लगाया कि अवधेश नारायण सिंह के विस्थापन के बाद से यह संदेश गया है कि यहाँ क्रमबद्ध कत्लेआम(राजपूत समाज का) जारी है। आनंद मोहन ने कहा की खाज में खुजली का काम यह रहा की पीएमसीएच के प्रिंसिपल को जिस तरह साजिशन सस्पेंड किया गया। यह सब एक संघर्षशील और प्रबुद्ध समाज देख रहा है। 

आनंद मोहन ने यह भी कहा की समता पार्टी के संस्थापक और 74 के आंदोलन से नीतीश कुमार के बड़े भाई की भूमिका में रहे वशिष्ठ नारायण सिंह की दुर्दशा का खामियाजा चांडाल चौकड़ी को भुगतना होगा। परिवारवाद का आरोप लगाकर उनके बेटे को अलग थलग कर दिया गया। इसके साथ ही उन्होंने जेडीयू पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी और नेतृत्व की नीतियों के कारण समाज की स्थिति दयनीय हो गई है, जिसे प्रबुद्ध समाज सब कुछ देख रहा है।

वहीँ पटना स्नातक चुनाव में नीरज कुमार और जदयू विधायक अनंत सिंह के बीच उपजे विवाद को लेकर पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा की अनुशासन सबों के लिए होना चाहिए। अनंत सिंह पर कोई कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर आनंद मोहन ने कहा की वे कोई छोटू सिंह थोड़े न हैं। कई लोगों ने विरोध किया, लेकिन छोटू सिंह को पार्टी से निकाल दिया गया। जदयू के नकली लीडरशिप की वजह से पार्टी का विरोध हो रहा है।

धीरज की रिपोर्ट