Sansad News : आरजेडी सांसद संजय यादव ने राज्यसभा में उठाई मांग, कहा खत्म हो कॉलेजियम सिस्टम, उच्च न्यायपालिका में परीक्षा से हो जजों की नियुक्ति

Sansad News : राजद सांसद संजय यादव ने उच्च न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने कॉलेजियम प्रणाली को समाप्त करने की मांग की......पढ़िए आगे

कॉलेजियम प्रणाली खत्म करने की मांग - फोटो : SOCIAL MEDIA

New Delhi : राज्यसभा में 'सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026' पर जारी बहस के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के सांसद संजय यादव ने उच्च न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने कॉलेजियम प्रणाली को समाप्त करने और न्यायाधीशों की नियुक्ति को अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि देश में निष्पक्षता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए न्यायपालिका के ढांचे में बड़े सुधारों की तत्काल आवश्यकता है।

सांसद संजय यादव ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों का चयन 'ऑल इंडिया ज्यूडिशियल सर्विस' (AIJS) के तहत प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब देश में एक चपरासी जैसे छोटे पद की नियुक्ति भी लिखित परीक्षा के आधार पर होती है, तो फिर उच्च न्यायपालिका के शीर्ष न्यायाधीशों का चयन बिना किसी पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के होना कहां तक न्यायसंगत है। उन्होंने प्रक्रिया में निष्पक्षता लाने के लिए परीक्षा को अनिवार्य बनाने की मांग की।

उच्च न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाते हुए राजद सांसद ने आरक्षण के प्रावधान की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 85 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से आती है, लेकिन उच्च न्यायपालिका में इस वर्ग का प्रतिनिधित्व 1 प्रतिशत भी नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में समाज के सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक आरक्षण लागू किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

इसके साथ ही उन्होंने न्यायाधीशों द्वारा खुद को मुकदमों से अलग करने यानी 'रिक्यूजल' (Recusal) की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब भी कोई माननीय जज किसी मामले की सुनवाई से खुद को अलग करते हैं, तो उसके कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इसके अलावा, किसी जज की नियुक्ति के क्या आधार और कारण रहे हैं, देशवासियों को यह जानने का पूरा अधिकार है और इन कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। संजय यादव ने अपने संबोधन के अंत में दोहराया कि अत्यधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान कॉलेजियम प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर आम जनता का विश्वास तभी और मजबूत होगा जब इसकी चयन प्रक्रिया खुली, निष्पक्ष और न्यायसंगत होगी।

रंजन की रिपोर्ट