543 नहीं, अब लोकसभा में होगी इतनी सीटें, 273 महिला सांसदों का रास्ता साफ; 29 मार्च को आ सकता है संशोधित बिल

केंद्र सरकार महिला आरक्षण कानून में संशोधन कर महिला सांसदों की संख्या एक तिहाई करने का प्रस्ताव लाने जा रही है। 29 मार्च को पेश होने वाले इस बिल से लोकसभा में सदस्यों की संख्या बढ़कर 816 हो सकती है।

New Delhi - महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। इस ऐतिहासिक बदलाव से न केवल संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि लोकसभा की सीटों की संख्या में भी भारी इजाफा देखने को मिल सकता है।

 केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में एक बड़ा संशोधन करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस संशोधित बिल को इसी संसद सत्र में 29 मार्च को पेश किया जा सकता है। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में महिला सांसदों की संख्या को बढ़ाकर प्रभावी रूप से एक तिहाई (33%) करना है।

लोकसभा में बढ़ेगी सदस्यों की संख्या: 543 से 816 का सफर

प्रस्तावित संशोधन के लागू होने के बाद लोकसभा की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। वर्तमान में लोकसभा सदस्यों की संख्या 543 है, जो बढ़कर 816 हो सकती है । सीटों में इस बढ़ोत्तरी के साथ ही महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या भी बढ़कर 273 हो जाएगी । सरकार 2023 में पास किए गए कानून में करीब तीन साल बाद यह बड़ा बदलाव करने जा रही है 

2011 की जनगणना बनेगा आधार, 50% तक बढ़ेंगी सीटें

बताया जा रहा है कि सीटों के नए निर्धारण के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जा सकता है । इसके तहत सभी राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों में लगभग 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव है । आनुपातिक आधार पर होने वाली इस बढ़ोत्तरी का अनुमानित आंकड़ा कुछ इस प्रकार है -


राज्यवर्तमान सीटेंप्रस्तावित सीटें (अनुमानित)
उत्तर प्रदेश80120
बिहार4060
तमिलनाडु3958-59


दक्षिण भारत के राज्यों की चिंता का समाधान

इस संशोधन के जरिए सरकार दक्षिण भारतीय राज्यों (जैसे तमिलनाडु, टीडीपी और डीएमके शासित राज्य) की उस पुरानी शिकायत को दूर करने की कोशिश कर रही है, जिसमें उनका तर्क था कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद परिसीमन से उत्तर भारत के राज्यों को ज्यादा फायदा होगा । सीटों में आनुपातिक इजाफा करके सरकार क्षेत्रीय संतुलन साधने का प्रयास कर रही है । जून 2026 में परिसीमन आयोग का गठन होने की भी संभावना है 

आम सहमति के लिए अमित शाह की सक्रियता

संशोधित कानून को बिना किसी रुकावट के पास कराने के लिए सरकार आम सहमति बनाने में जुटी है। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में एनसीपी (एसपी), बीजेडी, शिवसेना (यूबीटी) और वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की । हालांकि, अभी तक कांग्रेस और टीएमसी के साथ चर्चा नहीं हुई है 

क्या है 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम'?

साल 2023 में पारित यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करता है । इसमें एससी-एसटी महिलाओं के लिए 'आरक्षण के अंदर आरक्षण' का प्रावधान है, यानी उन्हें कुल 33% कोटे के भीतर ही अलग से स्थान दिया जाएगा