आज है गुरु पूर्णिमा, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि... जरुर करें ये काम तो पूरे साल होगा लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इस वर्ष स्नान-दान का शुभ मुहूर्त सुबह 4:17 बजे से 4:59 बजे तक रहेगा। इस दिन अन्नदान का विशेष महत्व बताया गया है।
Guru Purnima 2026 : सनातन परंपरा में गुरु को ज्ञान का प्रकाश और जीवन का मार्गदर्शक माना गया है। इसी श्रद्धा और सम्मान को समर्पित गुरु पूर्णिमा का पर्व इस वर्ष 29 जुलाई 2026, बुधवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गुरु की पूजा करने, व्रत रखने, स्नान-दान और भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन में सुख, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई 2026 को शाम 6:18 बजे शुरू होगी और 29 जुलाई को रात 8:05 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई को ही मनाया जाएगा।
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान-दान का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इस वर्ष स्नान-दान का शुभ मुहूर्त सुबह 4:17 बजे से 4:59 बजे तक रहेगा। इस दिन अन्नदान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जरूरतमंदों को अन्न दान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा के दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। महाभारत, 18 पुराणों और ब्रह्मसूत्रों के रचयिता महर्षि वेद व्यास को सनातन परंपरा का प्रथम गुरु माना जाता है। उन्होंने चारों वेदों का वर्गीकरण किया था। इसी कारण गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन शिष्य अपने गुरु का सम्मान करते हैं, उनका आशीर्वाद लेते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।
गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
शास्त्रों में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ बताया गया है। 'गुरु' शब्द का अर्थ अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाला होता है। मान्यता है कि गुरु की कृपा से व्यक्ति के जीवन में विवेक, आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। गुरु का आशीर्वाद आध्यात्मिक उन्नति और जीवन की सफलता का आधार माना गया है।
ऐसे करें गुरु पूर्णिमा की पूजा
गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान कर व्रत और पूजा का संकल्प लें। इसके बाद घर के मंदिर में भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और महर्षि वेद व्यास की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर पूजा करें। यदि आपके गुरु उपस्थित हों तो उनके चरण स्पर्श कर रोली, अक्षत, चंदन, पुष्प और वस्त्र अर्पित करें तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ माता-पिता, शिक्षकों और जीवन में मार्गदर्शन देने वाले सभी लोगों का आदर करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से पांच प्रकार के गुरुओं का सम्मान करने से शुभ फल की प्राप्ति होने की मान्यता है।