हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान बिहार, प्रथम सोमवारी पर शिवभक्ति का महासंगम, मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब, कांवर पथ पर दिखे तप, त्याग और अटूट आस्था के अद्भुत स्वरूप, देखिए तस्वीरें

"हर-हर महादेव", "बोल बम" और "ॐ नमः शिवाय" के उद्घोष से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। ....

हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान बिहार- फोटो : reporter

Sawan Somwar: श्रावण मास की प्रथम सोमवारी पर संपूर्ण बिहार शिवमय हो उठा। प्रातःकाल से ही राज्य के प्रमुख शिवालयों, गंगाघाटों और कांवर पथों पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "ॐ नमः शिवाय" के उद्घोष से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। कहीं भक्त पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर प्रस्थान कर रहे हैं, तो कहीं शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन का क्रम निरंतर जारी है। श्रद्धा, समर्पण और सनातन परंपरा का यह अनुपम संगम बिहार के प्रत्येक कोने में दृष्टिगोचर हुआ।

बिहार के काशी अरेराज में उमड़ा श्रद्धा का महासागर

पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज स्थित मनोकामनापूरक बाबा सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर, जिसे बिहार का काशी कहा जाता है, वहां प्रथम सोमवारी पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रात्रि में पारंपरिक प्रथम पूजा सम्पन्न होने के उपरांत लगभग दो बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही महिला एवं पुरुष श्रद्धालु पृथक-पृथक कतारों में अनुशासित ढंग से अरघा के माध्यम से भगवान शिव का जलाभिषेक करने लगे।शिवनगरी अरेराज "बोल बम", "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के उद्घोष से निरंतर गुंजायमान रही। प्रातःकाल होते-होते श्रद्धालुओं की संख्या इतनी बढ़ गई कि प्रशासन को भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष रणनीति अपनानी पड़ी।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा का अभेद्य घेरा

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। मंदिर परिसर से लेकर संपूर्ण मेला क्षेत्र तक तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। लगभग 500 से अधिक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सुरक्षाकर्मी विभिन्न स्थानों पर तैनात किए गए हैं।

मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। गर्भगृह, प्रवेश द्वार तथा पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था इतनी सुदृढ़ है कि बिना जांच के किसी भी व्यक्ति का प्रवेश संभव नहीं है। नगर क्षेत्र में दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही निर्बाध बनी रहे।

आरा के बुढ़वा शिव मंदिर में भक्ति का अनुपम दृश्य

भोजपुर जिले के आरा स्थित ऐतिहासिक बुढ़वा शिव मंदिर में भी प्रथम सोमवारी को प्रातः तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी प्रारंभ हो गईं। हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प एवं पूजन सामग्री लिए श्रद्धालु घंटों तक धैर्यपूर्वक अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रहे।महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने विधि-विधानपूर्वक भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगलमय जीवन की कामना की। मंदिर समिति तथा प्रशासन द्वारा पेयजल, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा एवं कतार प्रबंधन की समुचित व्यवस्था की गई।

मुंगेर के कांवर पथ पर आस्था के अनोखे स्वरूप

विश्वविख्यात श्रावणी मेला के दौरान मुंगेर के 26 किलोमीटर लंबे कच्ची कांवरिया पथ पर इस बार भी आस्था के अनेक विलक्षण स्वरूप दिखाई दे रहे हैं। लाखों शिवभक्त "बोल बम" के उद्घोष के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर निरंतर अग्रसर हैं।

इन्हीं श्रद्धालुओं में शामिल हैं सुधांशु बम, जो वर्ष 2013 से प्रत्येक सावन में सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर बाबा धाम की यात्रा करते आ रहे हैं। इस वर्ष उन्होंने अपनी श्रद्धा को एक अद्वितीय स्वरूप प्रदान किया है। वे आंखों पर पट्टी बांधकर डाक बम के रूप में कठिन यात्रा कर रहे हैं।उनका कहना है कि यह यात्रा किसी व्यक्तिगत अभिलाषा के लिए नहीं, बल्कि केवल भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और पूर्ण समर्पण की अभिव्यक्ति है। उनका विश्वास है कि भोलेनाथ बिना मांगे ही अपने भक्तों की प्रत्येक मनोकामना पूर्ण कर देते हैं।

सुल्तानगंज से बाबा धाम तक अनवरत आस्था की धारा

श्रावण मास की प्रथम सोमवारी पर सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नमामि गंगे घाट से लेकर प्राचीन अजगैबीनाथ मंदिर तक भगवा वस्त्रधारी कांवरियों की अनंत पंक्तियां दिखाई दीं।

मोतिहारी से हिमांशु/मुंगेर से मो. इम्तियाज/आरा से आशीष/कटिहार से श्याम कुमार की रिपोर्ट