Bihar education:बिहार के 20 हजार शिक्षक बनेंगे विषय एक्सपर्ट, 8 मिनट के बिना एडिट वीडियो से होगी परीक्षा, फर्जीवाड़ा पकड़ा गया तो आवेदन होगा रद्द
Bihar education: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ी पहल शुरू की है।...
Bihar education: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ी पहल शुरू की है। राज्य के 37 हजार सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 1.50 लाख शिक्षकों में से 20 हजार से अधिक शिक्षकों को 'विषय एक्सपर्ट' या 'विषय मार्गदर्शक' के रूप में चुना जाएगा। इन शिक्षकों की जिम्मेदारी न केवल छात्रों की पढ़ाई को बेहतर बनाना होगी, बल्कि दूसरे शिक्षकों का भी शैक्षणिक मार्गदर्शन करना होगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इच्छुक शिक्षक 15 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद विषयवार राज्य स्तरीय पैनल तैयार किया जाएगा, जिसमें चयनित शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। चयन के लिए शिक्षकों की पढ़ाने की शैली, सीखने-सिखाने की क्षमता, छात्रों की सीखने की उपलब्धि और साथी शिक्षकों से प्राप्त फीडबैक को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।सबसे खास बात यह है कि आवेदन के साथ प्रत्येक शिक्षक को अपनी 8 से 10 मिनट की क्लासरूम टीचिंग का बिना एडिट किया हुआ वीडियो भी जमा करना होगा। यह वीडियो शिक्षक के वास्तविक शिक्षण कौशल का आकलन करने के लिए अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि वीडियो में किसी भी प्रकार की एडिटिंग या छेड़छाड़ पाई गई, तो संबंधित शिक्षक का आवेदन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।
शिक्षकों को यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल, फेसबुक टाइमलाइन या फेसबुक ग्रुप पर अपलोड कर उसका शेयर करने योग्य लिंक निर्धारित गूगल फॉर्म में भरना होगा। साथ ही शिक्षक आईडी, यू-डायस कोड, विद्यालय का नाम, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी भी देनी होगी।हिंदी, अंग्रेजी, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, कंप्यूटर विज्ञान, संस्कृत, वाणिज्य, गृह विज्ञान, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र समेत कई विषयों के शिक्षक आवेदन कर सकेंगे। चयनित विषय एक्सपर्ट को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों के शिक्षा विशेषज्ञ भी सहयोग करेंगे।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य रटने की संस्कृति से आगे बढ़कर समझ-आधारित शिक्षा, बेहतर विषय चयन और छात्रों को सही करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता नई ऊंचाइयों तक पहुंच सके।