Bihar BDO Madam: गया की BDO मैडम बनीं बच्चों की शिक्षिका, पढ़ाया संविधान का पाठ, फिर जमीन पर बैठकर खाया मिड-डे मील, जीत लिया सभी का दिल

Bihar BDO Madam: गया जिले के खिजरसराय प्रखंड में एक प्रशासनिक अधिकारी की अनोखी पहल इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।

गया की BDO मैडम बनीं बच्चों की शिक्षिका,- फोटो : reporter

Bihar BDO Madam: गया जिले के खिजरसराय प्रखंड में एक प्रशासनिक अधिकारी की अनोखी पहल इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रखंड विकास पदाधिकारी  पूजा गहलौत ने औचक निरीक्षण के दौरान सिर्फ स्कूल की व्यवस्था का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि खुद शिक्षिका बनकर बच्चों को पढ़ाया और उनके साथ जमीन पर बैठकर मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) भी किया। उनके इस मानवीय और प्रेरणादायी अंदाज की हर ओर सराहना हो रही है।

शुक्रवार को बीडीओ पूजा गहलौत खिजरसराय प्रखंड के मध्य विद्यालय सरैया के निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीधे बच्चों की कक्षा में प्रवेश किया और करीब एक घंटे तक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों को पढ़ाया। उन्होंने बेहद सरल और रोचक भाषा में बच्चों को भारतीय संविधान, लोकतंत्र, कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका की कार्यप्रणाली समझाई। साथ ही बच्चों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की भी जानकारी दी।

कक्षा के दौरान उन्होंने बच्चों से सवाल-जवाब भी किए। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों की उन्होंने खुलकर प्रशंसा की, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ गया। बीडीओ के साथ पढ़ाई का यह अनुभव बच्चों के लिए यादगार बन गया और पूरी कक्षा उत्साह से भर उठी।

पढ़ाई के बाद बीडीओ ने स्कूल की व्यवस्थाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, स्कूल परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। शिक्षकों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने मध्याह्न भोजन योजना की भी जांच की। भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए उन्होंने किसी औपचारिक व्यवस्था के बजाय बच्चों के साथ जमीन पर पंक्ति में बैठकर वही भोजन किया, जो स्कूल में परोसा जा रहा था। इस दौरान उन्होंने बच्चों से भोजन के स्वाद, पढ़ाई और स्कूल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी खुलकर बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।

बीडीओ पूजा गहलौत ने कहा कि सरकारी विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं हैं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य निर्माण की मजबूत नींव भी हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो, ताकि उसका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। उनकी इस पहल को शिक्षा और प्रशासन के बेहतर समन्वय का प्रेरक उदाहरण माना जा रहा है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार