TRE-4 का इम्तिहान, 32 हजार से ज्यादा पदों पर बहाली की राह में तकनीकी पेंच, कब थमेगा असमंजस का दौर?

Bihar Teacher Recruitment: बिहार के शिक्षित नौजवानों के लिए एक तरफ जहां 32,388 शिक्षकों के पदों पर बहाली की बात की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक पेंच और सोशल मीडिया की अफवाहों ने TRE-4 की प्रक्रिया को उलझा कर रख दिया है।...

32 हजार से ज्यादा पदों पर बहाली की राह में तकनीकी पेंच- फोटो : reporter

Bihar Teacher Recruitment: बिहार के शिक्षित नौजवानों के लिए एक तरफ जहां 32,388 शिक्षकों के पदों पर बहाली की बात की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक पेंच और सोशल मीडिया की अफवाहों ने TRE-4 की प्रक्रिया को उलझा कर रख दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी के बयानों के मुताबिक, शिक्षा विभाग  ने तो अपनी तरफ से अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी है और अगस्त के आखिर तक विज्ञापन जारी करने का दावा किया गया है। लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ और ही दास्तान बयां कर रही है।

BPSC का साफ रुख और तकनीकी उलझन

आयोग ने उन तमाम खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अधियाचना को मुकम्मल तौर पर वापस लौटा दिया गया है। BPSC के मुताबिक, यह महज एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसके तहत अधियाचना में मौजूद कुछ तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियों (टेक्निकल एरर) को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग को खत लिखा गया है। आयोग का कहना है कि जब तक इन कानूनी और तकनीकी बाधाओं को दूर नहीं किया जाता, तब तक पारदर्शी तरीके से बहाली का अमल आगे बढ़ाना मुमकिन नहीं है।

नोटिफिकेशन पर असमंजस और बड़ा सवाल

यहीं से सबसे बड़ा सवाल सर उठाता है कि जब खुद आयोग ने सुधार के लिए शिक्षा विभाग को फाइल वापस भेजी है, तो फिर अगस्त के आखिरी हफ्ते तक विज्ञापन जारी होने का दावा कितना दुरुस्त है? क्या शिक्षा विभाग और BPSC के बीच तालमेल की कमी एक बार फिर अभ्यर्थियों की राह में रोड़ा अटकाएगी?

आयोग ने साफ कर दिया है कि औपचारिकताएं पूरी होते ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा, लेकिन तब तक अभ्यर्थियों के जेहन में बेकरारी बनी हुई है। सरकार को चाहिए कि वह इस प्रशासनिक खींचतान को जल्द खत्म करे ताकि सूबे के बेरोजगार युवाओं का भविष्य खतरे में न पड़े और वे बिना किसी भ्रामक सूचना के अपनी तैयारी पर पूरी तरह फोकस कर सकें।

रिपोर्ट- अभिजीत सिंह