सिंह मेंशन में बमबारी अमन सिंह गैंग ने हमले से झाड़ा पल्ला, बयान जारी कर शंकर सिंह को बताया फर्जी
धनबाद के चर्चित 'सिंह मेंशन' पर हुए बम हमले की गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझती जा रही है.इस मामले में आए नए मोड़ आ गया है.दरअसल अमन सिंह गैंग के आशीष शुक्ला ने बड़ा खुलासा किया है.साफ-साफ कहा कि इस घटना में अमन सिंह गैंग का हाथ नहीं है.
झरिया विधायक रागिनी सिंह और पूर्व विधायक संजीव सिंह के आवास 'सिंह मेंशन' पर हुई बमबारी के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पर्चे के जरिए हमले की जिम्मेदारी अमन सिंह गैंग के शंकर सिंह ने ली थी, लेकिन अब इसी गैंग के एक अन्य गुर्गे आशीष शुक्ला ने वीडियो जारी कर इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। आशीष का कहना है कि इस घटना में अमन सिंह गैंग का कोई हाथ नहीं है और जिम्मेदारी लेने वाला शंकर सिंह एक फर्जी व्यक्ति है जो केवल गैंग के नाम का इस्तेमाल कर रहा है।
वायरल पर्चे की विश्वसनीयता पर उठते सवाल
घटना के तुरंत बाद वायरल हुए पर्चे में धनबाद को "श्मशान" बनाने और व्यापारियों से रंगदारी वसूलने की खौफनाक धमकी दी गई थी। पर्चे में लिखा था कि "संजीव सिंह का दरवाजा फाड़ दिया है और अब चुन-चुन कर मारेंगे।" हालांकि, पूर्व विधायक संजीव सिंह ने इस पर्चे की सत्यता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि धमाके के चंद सेकंड बाद जब सुरक्षाकर्मी बाहर निकले, तो उन्हें मौके पर कोई पर्चा नहीं मिला। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर यह पर्चा सोशल मीडिया पर कहाँ से और किसने फैलाया?
धमाके के बाद का खौफनाक मंजर
रात करीब 11:20 बजे हुए इस हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया था। संजीव सिंह के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि पूरे परिसर में धूल और मलबे का गुबार छा गया, जिससे कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस महकमे में भी इस घटना के बाद हड़कंप है। प्रशासन अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि क्या यह हमला किसी पुरानी रंजिश का हिस्सा है या फिर शहर के व्यापारियों में खौफ पैदा करने के लिए किसी नए गिरोह की सोची-समझी साजिश।
संजीव सिंह की निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व विधायक संजीव सिंह ने इस मामले में पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस घटना को केवल चुनाव या राजनीति से जोड़कर देखना गलत होगा; यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। उन्होंने घटना से जुड़े तमाम साक्ष्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंप दिए हैं और जनता से भी अपील की है कि यदि किसी के पास इस हमले या वायरल वीडियो/पर्चे से जुड़ी कोई भी पुख्ता जानकारी हो, तो वे तुरंत प्रशासन को सूचित करें ताकि असली अपराधी बेनकाब हो सकें।