साइबर अपराधियों का गढ़ बना राजधानी पटना, फोन पर लालच देकर घटना को देते हैं अंजाम, पुलिस ने दबोचा

PATNA: जामताड़ा और नालंदा के बाद राजधानी पटना में साइबर अपराधियों का गढ़ बन गया है। फोन से लोगों को लालच देकर शार्ट कट में ठगी के रुपए निकालने आए शातिर साइबर अपराधी पुलिस की गिरफ्त में आया है। मामला पटना के कोतवाली थाना से चंद कदम की दूरी पर स्थित इंडियन बैंक कार्यालय का है। जहां कैशियर की सूझबूझ से साइबर अपराधियों को कोतवाली थाने की पुलिस को हवाले किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार इंडियन बैंक में दो लड़के 53 हजार कैश निकालने के लिए वेडरावल स्लिप से रूपए नहीं निकलने और खाता ब्लॉक की जानकारी कैशियर द्वारा खाता धारक इशू कुमार को दी गई। जिसके बाद ईशु और उसका साथी संतोष उलझ पड़े आनन फानन में बैंक के कर्मियों द्वारा गार्ड की मदद से पकड़ा गया और कोतवाली थाना पुलिस के हवाले कर दिया। 

पुलिस की सख्ती से पूछताछ और जांच में जब खुलासा हुआ तो दोनो शातिर साइबर अपराधी निकले जो लोगो को 5 से दस हजार का लालच देकर बैंक में कागजात देकर खाता खुलवा उनका पास बुक,एटीएम रख उस खाते में ठगी के रुपए का ट्रांजेक्शन किया करता है। गिरफ्तार ईशु कुमार पटना के राजापुल और संतोष चकाराम कब्रिस्तान के बगल के गली का रहने वाला है। 

दोनों के निशानदेही पर दो अन्य साइबर अपराधी राजू कुमार और अमित कुमार मोबाइल रिपेयर दुकानदार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि साइबर गिरोह के मुख्य किरदार और मास्टर माइंड फरार होने में कामयाब हुआ है जिसकी तलाश जारी है। बहरहाल गिरफ्तार साइबर अपराधियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया है। जिसके बाद पुलिस सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की करवाई मे जुटी है।


पटना से अनिल की रिपोर्ट