लाश की कीमत अलग-अलग ? मजदूर बिहार में मरे या बंगाल में...एक समान मिले मुआवजा, विधानसभा में खूब हुआ हंगामा

पटनाः भाजपा विधायक विनय बिहारी ने श्रमिकों की मृत्यु पर परिजनों को चार लाख मुआवाजा देने की मांग उठाई. विधायक ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि कोई श्रमिक बिहार में मरता है तो आश्रित को चार लाख का मुआवजा दिया जाता है, लेकिन जब राज्य से बाहर मरता है तो सिर्फ दो लाख. यह कैसी नीति है ..लाश की कीमत अलग-अलग ? 

भाजपा विधायक विनय बिहारी ने कहा कि बहुत सारे कामगार बिहार से बाहर मर जाते हैं तो उनके परिजनों को 2 लाख ही दिया जाता है. जिनके पास श्रम कार्ड नहीं होता उनके परिवार वालों को तो मुआवजा ही नहीं दी जाती है. उन्होंने सदन में कहा कि कोई मजदूर बिहार में मरे या बंगाल में, उसके आश्रित को 4 लाख रू का मुआवजा मिले. हमारी सरकार है, हम मांग करते हैं कि चार लाख का मुआवजा दिया जाय. 

इस पर श्रम संसाधन विभाग के मंत्री डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने जवाब दिया. उन्होंने सदन में बताया कि पहले तो एक लाख रू ही मुआवजा के तौर पर दिया जाता है. श्रम संसाधन विभाग की तरफ से अब दो लाख रू दिया जाता है. मृत श्रमिक के परिजन को आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से 4 लाख दिया जाता है. मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और हंगामा करने लगा. इसके बाद मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि मजदूर को मजबूर कर आपलोगों ने पलायन करने पर विवश किया है. हमलोगों ने 2 लाख रू किया है. असंगठित कामगार की मृत्यु के उपरांत 2 लाख का मुआवजा, इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मृतक के परिवार को 4 लाख अनुग्रह अनुदान का भुगतान किया जाता है. इस तरह से कुल 6 लाख का मुआवजा मिलता है.