UP NEWS: जौनपुर में रमज़ान के अवसर पर सामूहिक इफ्तार का आयोजन, भाईचारे की मिसाल

जौनपुर: रमज़ान के पवित्र महीने के अवसर पर मंगलवार की शाम मोहल्ला बारादुअरिया, जौनपुर में एक विशेष दावते-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इस आयोजन का संचालन मरहूम हैदर अब्बास आफताब के पुत्र मोहम्मद अब्बास समर ने किया।
सामूहिक दुआ और सामाजिक सौहार्द की मिसाल
मगरिब की नमाज अदा करने के बाद सभी रोज़ेदारों ने एक साथ हाथ उठाकर मुल्क में अमन और शांति के लिए दुआ की। इसके बाद, सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करने का सौहार्दपूर्ण संदेश दिया, जो समाज में आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक बना।
धर्मगुरु का संदेश
इस मौके पर धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने मजलिस को संबोधित करते हुए रमज़ान के महीने की महत्ता को बताया। उन्होंने कहा, “रमज़ान का महीना इस्लाम का सबसे पाक और सबसे महत्वपूर्ण महीना है। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़ा रखते हैं, नमाज अदा करते हैं, कुरान का पाठ करते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं। यह महीना गुनाहों से तौबा करने और अल्लाह से माफी पाने का भी अवसर है।” मौलाना ने लोगों से अपील की कि वे गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करें और समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करें।
समाजसेवी ऋतुराज सिंह छोटू का विचार
समाजसेवी ऋतुराज सिंह छोटू ने इस आयोजन को भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप बताया, जिसमें सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा, “हम सभी को एक दूसरे के त्योहारों और पर्वों का सम्मान करना चाहिए। रमज़ान के महीने में इफ्तार का आयोजन सामाजिक सद्भाव का परिचायक है, और इस तरह के आयोजनों से समाज में भाईचारे को बल मिलता है।”
भा.ज.पा. नेता हैदर अब्बास चाँद का बयान
भा.ज.पा. नेता और अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य हैदर अब्बास चाँद ने इस आयोजन को हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की मिसाल बताया। उन्होंने कहा, “ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों से सभी धर्मों के लोग एक साथ मिलकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हैं। सामूहिक इफ्तार आयोजन से समाज में आपसी प्रेम और एकता बढ़ती है, और अल्लाह इस नेक काम का सवाब जरूर देता है।”
सम्मानित अतिथियों की उपस्थिति
इस आयोजन में शिया कॉलेज के प्रबंधक नजमुल हसन नजमी, मीना रिजवी गर्ल्स कॉलेज के प्रबंधक मिर्ज़ा जावेद सुल्तान, लाडले जैदी, आरिफ हबीब खान, मिर्ज़ा रुशेद, फ़ाज़िल सिद्दीकी, परवेज़ हसन, शाहिद मेहदी, मेराज अहमद, हसनैन कमर दीपू, मोहम्मद मुस्तफा शम्शी, तनवीर जौनपुरी, सैय्यद हसन मेहदी, ज़ैगम खान, बेलाल हसनैन, आदिल खान और खादिम अब्बास सहित बड़ी संख्या में रोज़ेदारों ने भाग लिया।