उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में भारी तनाव: निहंगों की तलवारबाजी के बाद इंटरनेट बंद, ITBP और पुलिस ने संभाला मोर्चा

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में निहंगों के भारी हंगामे के बाद स्थिति तनावपूर्ण है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है और इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है। साथ ही भारी मात्रा में सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है...

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में भारी तनाव- फोटो : न्यूज4नेशन

Uttrakhand : उत्तराखंड के पहाड़ी और धार्मिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों—कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में निहंग सिखों तथा स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक मारपीट और खुलेआम तलवारबाजी की घटना के बाद से माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा पर आए निहंगों के एक समूह द्वारा किए गए इस उपद्रव के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। निहंगों की ओर से आज बड़े पैमाने पर आंदोलन करने की खुली चेतावनी दी गई है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।


एहतियातन धारा-163 लागू और इंटरनेट सेवाएं ठप

क्षेत्र में उपजी कानून-व्यवस्था की गंभीर चुनौती और किसी भी प्रकार की अफवाह को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। एहतियात के तौर पर कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग, दोनों ही महत्वपूर्ण स्थानों पर तत्काल प्रभाव से धारा-163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है। इसके साथ ही, सुरक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।


गुरुद्वारे में हंगामा, सेवादार की पिटाई और यात्री को बनाया बंधक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कर्णप्रयाग में मचे बवाल के बाद रुद्रप्रयाग में भी निहंगों ने जमकर हंगामा काटा। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि निहंगों ने यहां एक गुरुद्वारे में घुसकर वहां मौजूद सेवादार के साथ बुरी तरह मारपीट की। इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने गुरुद्वारे में ठहरे एक बेकसूर यात्री को काफी देर तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान कुछ आक्रोशित निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और उन्होंने वहां से नीचे खड़े लोगों पर पथराव करने की सीधी धमकी भी दी, जिससे चारों तरफ हड़कंप मच गया।


16 जून की घटना और गुरुद्वारा प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश

जांच में सामने आया है कि निहंगों के इस गुस्से और विरोध के पीछे 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई एक पुरानी घटना है। निहंगों का आरोप है कि कर्णप्रयाग में उनके साथ हुई बदसलूकी को लेकर स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने कोई कड़ा स्टैंड नहीं लिया और मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी। गुरुद्वारा प्रबंधन के इसी कथित ढुलमुल रवैये और चुप्पी से नाराज होकर निहंगों का यह गुट हिंसक आक्रोश पर उतारू हो गया और दो जिलों में अशांति फैल गई।


आईटीबीपी और पुलिस बलों का फ्लैग मार्च जारी

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए और किसी भी संभावित अप्रिय घटना से निपटने के लिए चमोली और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने भारी मात्रा में सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस के जवानों के साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टुकड़ियों को संवेदनशील मोर्चों पर लगाया गया है। सुरक्षा बल के जवान लगातार सड़कों और गुरुद्वारों के आसपास गश्त (फ्लैग मार्च) कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून तोड़ने वाले और शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।