उत्तराखंड में मॉनसून का कहर: 103 सड़कों पर यातायात बाधित बंद, 7 जिलों में स्कूल बंद
उत्तराखंड में मॉनसून के रफ्तार ने पूरे जन-जीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों ने हो रही मूसलाधार बारिश से भूस्खंलन और चट्टानों से मलबा गिरने की घटनाओं के कारण 103 सड़कों पर आवागमन बाधित हो गई है.....
Dehradun : उत्तराखंड में मॉनसून ने एक बार फिर से अपनी रफ्तार पकड़ ली है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण चट्टानों से मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश भर में 103 सड़कों पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में बारिश का 'रेड अलर्ट'
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। केंद्र के अनुसार, देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने अगले 24 घंटों को कई जिलों के लिए संवेदनशील बताया है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें।
भारी बारिश के अलर्ट के बाद 7 जिलों में स्कूल बंद
वहीं मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए राज्य के सात जिलों में सोमवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
देहरादून में रेड अलर्ट के बाद, जिलाधिकारी (DM) डॉ. आशीष चौहान ने कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के सख्त आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इससे पहले स्कूल बंदी को लेकर सोशल मीडिया पर एक फर्जी आदेश वायरल हो रहा था, जिसके बाद यह आधिकारिक निर्देश जारी किया गया है।
सीएम धामी का निर्देश: अफसर रहें अलर्ट मोड पर, त्वरित हो राहत कार्य
प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव आनन्द बर्धन और सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को हालात पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा है।
सीएम के प्रमुख निर्देश:
- भारी बारिश, भूस्खलन या सड़क बंद होने पर प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे।
- राहत एवं बचाव दल (SDRF/NDRF) 24 घंटे मुस्तैद रहें।
- प्रभावित लोगों को समय पर हर संभव सहायता पहुंचाई जाए।
- सड़क, बिजली, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए।
- चारधाम यात्रा मार्ग सहित राज्य के सभी प्रमुख मार्गों की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
सीएम धामी ने प्रदेशवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों तथा तीर्थयात्रियों से भी अपील की है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही यात्रा करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।