उत्तराखंड में जाम से मिलेगी मुक्ति: PWD बनाएगा इन 7 शहरों में 'टनल बाईपास'

उत्तराखंड के शहर और कस्बों को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने टनल बाईपास तैयार करने की योजना बनाई है। इसके तहत पहले चरण में सात शहरों को टनल बाईपास परियोजनाओं के लिए चुना गया है...

Dehradun : उत्तराखंड के प्रमुख शहरों और कस्बों को भीषण ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक अभूतपूर्व 'टनल बाईपास' योजना तैयार की है। इसके तहत पहले चरण में राज्य के सात महत्वपूर्ण शहरों को चुना गया है, जहां अत्यधिक ट्रैफिक वाले मुख्य बाजारों को प्राथमिकता के आधार पर बाईपास किया जाएगा। इस योजना की खासियत यह होगी कि बाजार शुरू होने से ठीक पहले ही सड़कों से टनल (सुरंग) निकाली जाएगी, जो मुख्य मार्ग के यातायात को बिना किसी बाधा के शहर से बाहर निकाल देगी।


संकरी सड़कों और चारधाम यात्रा के दबाव को कम करने की कवायद

दरअसल, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में संकरी सड़कों की वजह से आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर चारधाम यात्रा सीजन के दौरान स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाती है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के रूप में अब टनल बाईपास को एक बेहतरीन विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ चिन्हित टनल प्रोजेक्ट्स के लिए सर्वे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उनकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने का काम शुरू कर दिया गया है, जबकि अन्य कुछ स्थानों के लिए अभी शुरुआती प्लानिंग की जा रही है।


इन 7 महत्वपूर्ण शहरों और रूटों का हुआ है चयन

इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में जिन सात शहरों और कस्बों को शामिल किया गया है, उनमें पौड़ी, श्रीनगर, चमोली, लोहाघाट और पिथौरागढ़ प्रमुख हैं। इसके अलावा, गुप्तकाशी के ट्रैफिक को बाईपास करने के लिए सोनप्रयाग से कालीमठ तक टनल बनाने का प्रस्ताव है। वहीं, चमोली के लिए एक नया वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के उद्देश्य से सोनप्रयाग से चौमासी तक भी टनल बनाने की योजना है। ये दोनों ही टनल प्रोजेक्ट्स केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को बेहद सुगम और सुरक्षित बना देंगे।


चंबा, डाटकाली और सिलक्यारा टनल के सफल प्रयोगों से मिली प्रेरणा

लोक निर्माण विभाग के एचओडी राजेश शर्मा ने बताया कि राज्य के शहरों पर बढ़ता ट्रैफिक का दबाव इस नई सोच की मुख्य वजह है। प्राथमिकता के आधार पर कुछ शहरों को चुनकर काम शुरू किया जा रहा है, जबकि बाकी जगहों के लिए भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। गौरतलब है कि ऑल वेदर रोड पर चंबा में बनी टनल से वहां जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो चुकी है। इसी तरह डाटकाली टनल ने देहरादून के आवागमन को आसान बनाया है और यमुनोत्री मार्ग पर सिलक्यारा टनल का काम भी अब अपने अंतिम चरण में है।


मसूरी में जाम और ईको टैक्स से निपटने के लिए लागू होगा 'फास्टैग'

टनल प्रोजेक्ट्स के अलावा, पर्यटन नगरी मसूरी में जाम की समस्या से निपटने और ईको टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। इसके तहत कोल्हूखेत सहित नगर पालिका के दो प्रमुख प्रवेश बैरियरों पर अब 'फास्टैग सिस्टम' लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। हाल ही में संपन्न हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में स्थानीय नागरिकों को टैक्स से रियायत देने, सुचारू यातायात के लिए लेन व्यवस्था दुरुस्त करने और पूरी तरह से डिजिटल वसूली प्रणाली अपनाने पर सहमति बन गई है।