उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज : बारिश के बाद फिर चढ़ने लगा पारा, मैदानी इलाकों में 36 डिग्री पहुंचा तापमान
उत्तराखंड में पिछले दिनों हुई बारिश से मिली राहत के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। राज्य में मौसम शुष्क होने और सुबह से ही धूप खिलने के कारण मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान एकबार फिर 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है.....
Uttrakhand : प्रदेश में पिछले दिनों हुई राहत की बारिश के बाद एक बार फिर गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। चक्रवाती सिस्टम के कमजोर पड़ते ही राज्य भर में मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है। राजधानी देहरादून समेत तमाम मैदानी और पहाड़ी इलाकों में सुबह से ही चटक धूप खिली रही, जिसने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। मौसम में आए इस अचानक बदलाव के कारण तापमान में तेजी से उछाल दर्ज किया गया है और रात के समय उमसभरी गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है।
मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के विपरीत शनिवार को पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम साफ रहा, जिससे पहाड़ों पर भी अब अच्छी-खासी गर्मी का अहसास होने लगा है। तेज धूप के कारण मैदानी जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर जाते हुए एक बार फिर 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों के भीतर शुष्क मौसम के चलते मैदानी क्षेत्रों के अधिकतम तापमान में करीब 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मौसम विभाग का अनुमान: मैदानी इलाकों में जारी रहेगी तपन, पहाड़ों पर हल्की राहत संभव
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Dehradun) के अनुसार, राज्य के मैदानी इलाकों में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क ही बना रहेगा, जिसके कारण आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक वृद्धि होने की पूरी संभावना है। हालांकि, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे उच्च हिमालयी और पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रहने और गर्जन के साथ बेहद हल्की फुहारें पड़ने की उम्मीद है, लेकिन इससे मैदानी इलाकों की गर्मी पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
अगले तीन दिनों तक पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और गर्जना का अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले तीन दिनों तक उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। पहाड़ों पर होने वाली इस छिटपुट गतिविधि से ऊंचाई वाले इलाकों में तो तापमान नियंत्रित रहेगा, लेकिन निचले घाटी वाले क्षेत्रों और मैदानी भूभाग में शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण दिन के समय लू (Heat Wave) जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
उमसभरी गर्मी ने बढ़ाई रात की बेचैनी, बिजली की मांग में भी भारी उछाल
दिन भर चिलचिलाती धूप रहने के कारण अब न केवल दिन का बल्कि रात का न्यूनतम तापमान भी बढ़ने लगा है। मैदानी इलाकों में शाम ढलने के बाद भी हवाओं में नमी के कारण उमसभरी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। मौसम में अचानक आई इस तपन के कारण मैदानी शहरों में कूलर और एयर कंडीशनर (AC) का उपयोग एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में बिजली की मांग में भी अचानक भारी उछाल देखने को मिल रहा है।