बिहार को केंद्र सरकार का बड़ा तोहफा: 3,591 करोड़ से बनेगा मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी- सोनबरसा फोरलेन हाईवे
प्रस्तावित फोरलेन हाईवे मुजफ्फरपुर से शुरू होकर सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक जाएगा। सोनबरसा नेपाल सीमा के नजदीक स्थित महत्वपूर्ण क्षेत्र है। नई सड़क बनने से मौजूदा मार्ग पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
Bihar News : बिहार के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए नेपाल सीमा के सोनबरसा तक फोरलेन हाईवे बनाने की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस सड़क परियोजना पर करीब 3,591 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
केंद्र सरकार की इस मंजूरी से उत्तर बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा के बीच आवागमन पहले के मुकाबले तेज और सुगम होगा। साथ ही नेपाल सीमा तक पहुंचने वाले इस मार्ग के मजबूत होने से क्षेत्र में व्यापार और माल ढुलाई को भी गति मिलने की संभावना है।
मुजफ्फरपुर से नेपाल बॉर्डर तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित फोरलेन हाईवे मुजफ्फरपुर से शुरू होकर सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक जाएगा। सोनबरसा नेपाल सीमा के नजदीक स्थित महत्वपूर्ण क्षेत्र है। नई सड़क बनने से मौजूदा मार्ग पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। इस परियोजना से उत्तर बिहार के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जैसे प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ नेपाल सीमा तक सामान की आवाजाही भी आसान हो सकेगी।
कैबिनेट ने कुल पांच परियोजनाओं को दी मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल पांच बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 13,041 करोड़ रुपये है। इनमें चार परियोजनाएं रेलवे से जुड़ी हैं, जबकि एक परियोजना सड़क परिवहन से संबंधित है।
हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग का होगा चौहरीकरण
कैबिनेट ने देश के महत्वपूर्ण हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेल मार्ग के चौहरीकरण से जुड़ी परियोजना को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर यातायात क्षमता बढ़ाना और ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम बनाना है। इसके अलावा कटक-पारादीप रेल लाइन पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई है। इससे इस रूट की क्षमता बढ़ाने और माल एवं यात्री परिवहन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कैबिनेट ने रेल नेटवर्क को मजबूत करने वाली दो अन्य महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है।
व्यापार और आवागमन को मिलेगा फायदा
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन हाईवे परियोजना को उत्तर बिहार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सड़क के चौड़ीकरण और बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारिक वाहनों को भी फायदा मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से देश के अलग-अलग हिस्सों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, परिवहन लागत और यात्रा के समय में कमी आएगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बिहार में मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क उत्तर बिहार के लिए सड़क बुनियादी ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकती है।