नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 103 गिरफ्तार, 46 ने किया सरेंडर; 22 मुठभेड़ में ढेर, स्वतंत्रता दिवस पर खुलासा

डीजीपी ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। जनवरी से जुलाई के बीच विभिन्न आपराधिक गिरोहों से जुड़े 193 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 63 हथियार बरामद किए गए।

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Naxalism- फोटो : news4nation

Naxalism :  नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस को इस साल झारखंड में बड़ी सफलता मिली है। राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने शनिवार को बताया कि जनवरी से अब तक 103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 46 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ों में 22 नक्सली मारे गए हैं।


भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि झारखंड पुलिस ने साहस, रणनीति और लगातार चलाए गए अभियानों के जरिए राज्य में नक्सलवाद की चुनौती को काफी कमजोर किया है।


डीजीपी के मुताबिक, जनवरी से 5 अगस्त तक की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 98 हथियार, 7,470 कारतूस, 11 किलोग्राम विस्फोटक, तीन IED और करीब 6 लाख रुपये की लेवी की रकम बरामद की है।


उन्होंने बताया कि शीर्ष माओवादी नेताओं के खिलाफ भी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एक करोड़ रुपये के इनामी CPI (Maoist) पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, प्रतिबंधित संगठन के केंद्रीय समिति सदस्य पातीराम मांझी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई है।


डीजीपी ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। जनवरी से जुलाई के बीच विभिन्न आपराधिक गिरोहों से जुड़े 193 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 63 हथियार बरामद किए गए।


उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की रोकथाम और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए भी पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है।