West Bengal election: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री को शपथ दिलाएंगे बिहार के लाल, शपथ ग्रहण की तैयारियों पर सबकी नजर, CM रेस में सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे

प. बंगाल में भाजपा का कोई भी नेता सीएम पद की शपथ ले लेकिन नए मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने वाला संवैधानिक चेहरा बिहार से जुड़ा होगा।

Bengal CM oath to be administered by Bihar leader prep on
बंगाल के सीएम के शपथ दिलाएंगे बिहार के लाल- फोटो : social Media

West Bengal election: अगर पश्चिम बंगाल की राजनीति में सचमुच ऐसा अप्रत्याशित जनादेश सामने आता, तो यह भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी सियासी पटकथा बन जाती। 293 सीटों वाले विधानसभा गणित में एनडीए को 206 सीटों का प्रचंड बहुमत मिलाा, तो यह सत्ता परिवर्तन सिर्फ एक चुनावी नतीजा नहीं बल्कि पूरे देश की राजनीति में भूकंप जैसा असर डाला।

इस  परिदृश्य में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिली और तृणमूल कांग्रेस भारी नुकसान के साथ 81 सीटों पर सिमट गई। लंबे समय से सत्ता में रहीं ममता बनर्जी को भाजपा ने पटकनी दे हीं दिया, अब बंगाल की राजनीति नए मोड़ पर खड़ी है।

प. बंगाल में भाजपा प्रचंड जीत के बाद सरकार बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे नाम सुवेंदु अधिकारी का चल रहा है, जिन्हें संगठन और जनाधार दोनों स्तर पर मजबूत चेहरा माना जाता है। भाजपा की लहर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद अपनी सीट हार गईं। भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराया। अधिकारी ने ममता को यहां से दूसरी बार पटखनी दी है।वहीं अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली जैसे नाम भी संभावित दावेदारों की सूची में शामिल बताए जाते हैं।

इस पूरे सियासी घटनाक्रम में एक दिलचस्प चर्चा यह भी तैरती कि नए मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने वाला संवैधानिक चेहरा बिहार से जुड़ा हुआ है। राज्यपाल आर. एन. रवि, जिनका जन्म पटना में हुआ था, और जिन्होंने आईपीएस, इंटेलिजेंस ब्यूरो और विभिन्न राज्यपाल पदों पर काम किया है, इस प्रक्रिया में संवैधानिक भूमिका निभाते हैं।

भारतीय प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे में एक चर्चित नाम रहे आरएन रवि का संबंध बिहार से जुड़ी प्रशासनिक पृष्ठभूमि और भारतीय पुलिस सेवा ( से रहा है। उन्होंने लंबे समय तक देश की खुफिया एजेंसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय सलाहकार जिम्मेदारियों में भी काम किया।साल 2018 में उन्हें केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक अहम पद पर नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2019 में उन्हें नगालैंड का राज्यपाल बनाया गया, जहां उन्होंने कई वर्षों तक संवेदनशील परिस्थितियों में राज्य प्रशासन को संभाला। इसी दौरान 2019 से 2020 तक उन्हें मेघालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।इसके बाद 18 सितंबर 2021 को उन्हें तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने प्रशासनिक और राजनीतिक मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई।

आर.एन. रवि का करियर खुफिया सेवा से लेकर राज्यपाल पद तक अनुशासन, रणनीति और संवेदनशील प्रशासनिक अनुभव का उदाहरण माना जाता है,रएन रवि को मार्च में ही पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने सीवी आनंद बोस की जगह ली थी।बहरहाल प. बंगाल में भाजपा का कोई भी नेता शपथ ले लेकिन शपथ दिलाने वाल ेबिहार के लाल हीं होंगे।