Mahua Moitra: बरुईपुर कांड पर सुलगी बंगाल की सियासत, महुआ मोइत्रा का बड़ा हमला, बोलीं- विपक्ष की आवाज दबाने के लिए नज़रबंद की गईं ममता बनर्जी

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि सात बार सांसद, केंद्रीय मंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी नेता को इस तरह रोकना लोकतंत्र पर हमला है। ...

Mahua Moitra Alleges Mamata Banerjee Put Under House Arrest
महुआ मोइत्रा का बंगाल सरकार पर बड़ा हमला- फोटो : X

Mahua Moitra: पश्चिम बंगाल की सियासत इस वक्त उबाल पर है। बरुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए विपक्ष की आवाज़ को दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटने का आरोप लगाया है।

दरअसल, बरुईपुर में एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इस वारदात से इलाके में ग़म, गुस्सा और बेचैनी का माहौल है। घटना के बाद राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं और पीड़ित परिवार से मुलाकात की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी बीच टीएमसी ने दावा किया कि पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि सात बार सांसद, केंद्रीय मंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी नेता को इस तरह रोकना लोकतंत्र पर हमला है। महुआ ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को बरुईपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के लिए नज़रबंद जैसी स्थिति पैदा की गई। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध की मिसाल है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी गंभीर चोट है।

महुआ ने लिखा है कि इसे देखिए- 7 बार की सांसद, कैबिनेट मंत्री और 3 बार मुख्यमंत्री रहीं नेता को BJP ने नज़रबंद कर दिया है, ताकि वह बलात्कार की शिकार युवा पीड़िता से मिलने बारुईपुर न जा सकें। बंगाल सरकार को शर्म आनी चाहिए!

महुआ मोइत्रा ने अपने बयान में यह भी कहा कि राज्य में प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने, धमकाने और उनकी राजनीतिक गतिविधियों को सीमित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि लोकतांत्रिक अधिकारों का खुलकर हनन हो रहा है। उनके मुताबिक, विपक्ष को दबाने की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं और जनता की आवाज़ को भी अनसुना किया जा रहा है।

बरुईपुर की यह घटना अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रह गई है, बल्कि इसने बंगाल की राजनीति को भी गरमा दिया है। एक ओर बच्ची को इंसाफ दिलाने की मांग उठ रही है, तो दूसरी ओर राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक सियासी तूल पकड़ सकता है।

रिपोर्ट- धीरेंद्र कुमार